राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक में तैयारियों पर चर्चा, एक राज्य-एक चुनाव से संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

 


जयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को शासन सचिवालय में आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया के सुचारू, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संचालन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि एक राज्य-एक चुनाव की अवधारणा के तहत सभी पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक बचत के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा, जिससे विकास कार्यों की गति में भी सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि समयबद्ध चुनाव कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।

राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखा जाए तथा आवश्यकतानुसार पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने, संवीक्षा एवं नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्वाचन आयोग द्वारा 21 जुलाई 2026 को जारी आदेशों के अनुसार निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की चरणबद्ध व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राजेश वर्मा ने बताया कि 39 जिलों में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में तथा फलोदी एवं सलूम्बर जिलों में एक चरण में कराए जाएंगे। इसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 36 जिलों में चार चरणों में, 4 जिलों में दो चरणों में तथा एक जिले में एक चरण में प्रस्तावित हैं, जबकि जैसलमेर जिले में एक चरण में चुनाव होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 140 नगर निकायों के 5,050 वार्डों एवं 10,185 मतदान केन्द्रों के लिए 71,295 सिविल निर्वाचन टीम तथा 61,110 पुलिस कार्मिकों की आवश्यकता होगी। वहीं द्वितीय चरण में 169 नगर निकायों के 5,195 वार्डों एवं 6,280 मतदान केन्द्रों के लिए 43,960 सिविल निर्वाचन टीम और 37,680 पुलिस कार्मिकों की आवश्यकता होगी।

वर्मा ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं नगर निकाय सदस्यों के चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि पंच एवं सरपंच के चुनाव मतपेटी के माध्यम से संपन्न होंगे।

बैठक में गृह विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, वित्त विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, पंचायती राज विभाग तथा कार्मिक विभाग की तैयारियों एवं आयोग के आदेशों की अनुपालना की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकान्त, महानिदेशक पुलिस संजय अग्रवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह, संयुक्त शासन सचिव वित्त विभाग वरूण मिश्रा, संयुक्त शासन सचिव गृह मनीष गोयल, उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग मुकेश मूंड सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित