बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश

 


जोधपुर, 04 जून (हि.स.)। बनाड़ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्याओं को लेकर गुरुवार को बनाड़ बिजली घर के बाहर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बनाड़ सहित आसपास के गांवों और ढाणियों से बड़ी संख्या में पहुंचे 36 कौम के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ धरना शुरू कर दिया।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजेंद्र छबरवाल तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से कम वोल्टेज, जर्जर विद्युत केबल और बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती से आमजन परेशान हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, 10 से 15 वर्ष पुरानी जर्जर विद्युत केबलों को तत्काल बदला जाए तथा नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे कनिष्ठ अभियंताओं (जेईएन) से ग्रामीणों ने बातचीत करने से इनकार कर दिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब वे केवल विभाग के उच्चाधिकारियों से ही चर्चा करेंगे और मौके पर सक्षम अधिकारियों को बुलाया जाए। धरने में चौथाराम तांडी, गोविंद सियाग, रामेश्वर भील, राजेंद्र छबरवाल, गणपत प्रजापत, ओमप्रकाश प्रजापत, धनाराम खिलेरी, वीरेंद्र थाकण, बुधाराम छबरवाल, श्रवण, महेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

महापड़ाव में बनाड़, सोढेर की ढाणी, देवलिया, नांदड़ा खुर्द, नांदड़ा कला, बावरला, बालाजी नगर, सिद्धार्थ नगर, बिश्नोई एवं जाटों की ढाणी सहित मन्नार क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश