पीएम स्वनिधि योजना के लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश, 12 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला ऋण
जयपुर, 06 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की समीक्षा के लिए शनिवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों, उनकी स्वीकृति, ऋण वितरण की प्रगति तथा विभिन्न कारणों से लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे स्वरोजगार से जुड़े लोगों को आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी 2026 के बाद से योजना के तहत 34 हजार 893 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 14 हजार 169 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 12 हजार 129 लाभार्थियों को ऋण वितरण भी किया जा चुका है।
समीक्षा के दौरान 2 हजार 616 लंबित आवेदनों पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पात्र आवेदनों की जांच और स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े नागरिकों को वित्तीय सहायता समय पर मिले, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिले और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का शुभारंभ वर्ष 2020 में किया गया था। योजना का प्रथम चरण दिसंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जबकि इसका संचालन वर्ष 2030 तक जारी रहेगा।
समीक्षा बैठक में रवि जैन सहित स्वायत्त शासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित