पथराव व तनाव के बाद दूसरे दिन शांति, बंद रहे प्रतिष्ठान
एक प्रकरण दर्ज, 14 लोग हिरासत में, भीतरी शहर में पुलिस का भारी जाब्ता तैनात
जोधपुर, 28 मार्च (हि.स.)। शहर के अंदरूनी क्षेत्र लायकान मोहल्ला-किलीखाना रोड पर शुक्रवार रात को घुड़ला लेकर निकल रही महिलाओं से हुए अभद्र व्यवहार एवं पथराव की घटना के बाद व्याप्त तनाव के बाद आज दूसरे दिन शांति रही। यहां विरोध स्वरूप प्रतिष्ठान व दुकानें बंद रही। ऐहितयात के तौर पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए जाने वाले लोगों की संख्या बढऩे के भी आसार है। एक पक्ष की तरफ से मामला दर्ज कराया गया है।
सेंट्रल एसीपी मंगलेश चूण्डावत ने बताया कि एक पक्ष की तरफ से केस दर्ज कराया गया है। दोपहर तक 14 लोगों को पुलिस ने डिटेन किया है। दो लोगों को रात में ही डिटेन कर लिया गया था। एसीपी मंगलेश चूण्डावत के अनुसार क्षेत्र में स्थिति रात को ही नियंत्रित कर ली गई थी। अभी पूर्ण रूप से शांति कायम है। बता दें कि शुक्रवार रात को गणगौर कमेटी की तरफ से भोळावणी मेले का आयोजन किया गया था। तब कई महिलाएं घुड़ला लेकर सरोवर से लौट रही थी। इस दौरान मोहल्ला लायकान- किलीखाना रोड पर बाइक सवार युवक महिलाओं से टकरा गए। बाद में मौजूद कुछ लोगों ने युवकों को पीट दिया जिससे माहौल गर्मा गया। एकबारगी युवक चले गए लेकिन वापस लौटकर महिलाओं पर पत्थरबाजी करने लगे। जिससे माहौल पूर्ण से तनावग्रस्त हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। डीसीपी मनीष चौधरी और पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए इलाके की घेराबंदी की और दो युवकों को हिरासत में लिया। पथराव में कई गाडिय़ों को भी नुकसान भी पहुंचा और कुछ लोग मामूली रूप से चोटिल भी हुए थे।
शहर के भीतरी भाग में पत्थरबाजी की घटना के सम्बन्ध में केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री शेखावत जानकारी मिलने के समय कल रात्रि से ही जिला और पुलिस प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। शेखावत ने कहा कि जोधपुर ही नहीं देश के किसी भी शहर में संस्कृति और परम्परा से खिलवाड़ करना और उसे सांप्रदायिक रूप देकर सामाजिकता पर चोट करने की कुचेष्टा नहीं चलेगी, यह साफ़ है। जिसे भी यह लगता है कि वह ऐसा कर अपने षड्यंत्र में सफल होगा, उसे ऐसा सबक मिलना चाहिए कि जो इस तरह की मानसिकता वाले दूसरों के लिए भी उदाहरण बने। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि हमें शांति के दुश्मनों के खिलाफ लोकतांत्रिक शक्ति के प्रयोग से परहेज नहीं है। सज्जन शक्ति का संगठित संचय ही सुरक्षित भविष्य का एकमात्र मार्ग है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश