पावटा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में नहीं मिला संक्रमण
जोधपुर, 24 जून (हि.स.)। राजकीय जिला अस्पताल पावटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे के मामले में शुरुआती जांच रिपोर्ट ने राहत देने वाले संकेत दिए हैं। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का संक्रमण सामने नहीं आया है। वहीं अस्पताल में भर्ती छह प्रसूताओं की ब्लड कल्चर, यूरिन और वेजाइनल स्वाब रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। हालांकि चिकित्सकों ने उनमें हल्के संक्रमण के लक्षण मिलने की बात कही है, जिसके चलते उन्हें हाई-एंड एंटीबायोटिक उपचार दिया गया।
गौरतलब है कि शनिवार को पावटा जिला अस्पताल में आठ महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के कुछ समय बाद सभी प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगडऩे लगी। कई महिलाओं को ब्लीडिंग और यूरिन संबंधी दिक्कतें सामने आईं। मामले के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया तथा ऑपरेशन थिएटर, उपयोग में ली गई दवाओं और मरीजों के विभिन्न सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इन आठ महिलाओं में से गंभीर स्थिति वाली ललिता और सोनू को मथुरादास माथुर अस्पताल और फिर वहां से एम्स जोधपुर रेफर किया गया, जबकि बाकी छह प्रसूताओं का इलाज पावटा अस्पताल में जारी रखा गया। इन महिलाओं के शनिवार को लिए गए ब्लड कल्चर, यूरिन और वेजाइनल स्वाब सैंपलों की रिपोर्ट अब नेगेटिव आई है। अस्पताल के पीएमओ
सुरक्षा के मद्देनजर ओटी बंद
डॉ. कुलबीर चौपड़ा के अनुसार मरीजों में गंभीर संक्रमण नहीं मिला, लेकिन कुछ मामलों में हल्के संक्रमण के संकेत मिलने पर एहतियात के तौर पर उच्च स्तर की एंटीबायोटिक दवाएं शुरू की गईं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी सामान्य आई है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की संभावना है। तब तक सुरक्षा के मद्देनजर ओटी को बंद रखा गया है। वहीं एम्स जोधपुर में भर्ती दो प्रसूताओं ललिता और सोनू की हालत अब भी स्थिर बनी हुई है। इनमें ललिता वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और दोनों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश