जोधपुर: पावटा हॉस्पिटल का ऑपरेशन थियेटर सील, उच्च स्तरीय जांच शुरू

 


प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे का मामला: जिला कलेक्टर ने किया अस्पताल का निरीक्षण, एक प्रसूता एम्स रेफर

जोधपुर, 22 जून (हि.स.)। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर शहर के जिला अस्पताल पावटा में सिजेरियन ऑपरेशन से आठ महिलाओं की तबीयत अचानक बिगडऩे के बाद से ही चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है। गत बीस जून को हुए इन ऑपरेशन्स के बाद छह महिलाओं में सेप्टीसीमिया (खून में संक्रमण) और दो महिलाओं की किडनी खराब होने की गंभीर समस्या सामने आई। पूरी घटना के बाद अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

बता दें कि बीस जून को यह घटना सामने आई, उसी दिन चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जोधपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन कर रहे थे। लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुरुआत में इस बात को छुपाए रखा। इधर घटना के खुलासे के बाद आज जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर अस्पताल का निरीक्षण भी किया। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा हाल ही में प्रसूताओं के स्वास्थ्य से जुड़े घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की।

इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने मरीजों के उपचार एवं सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बीएस जोधा, एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत, पावटा जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर चौपड़ा सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।

समीक्षा बैठक के उपरांत जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा के साथ पावटा जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन के उपरांत कुछ प्रसूताओं के स्वास्थ्य प्रभावित होने की घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गंभीर स्थिति वाली दो प्रसूताओं सोनू एवं ललिता को बेहतर उपचार के लिए तत्काल डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में रेफर किया गया था, वहां से ललिता को एम्स जोधपुर रेफर किया गया है। जबकि पावटा जिला अस्पताल में भर्ती शेष छह प्रसूताएं तस्लीम, पायल, संतोष, प्रियंका, गट्टूकंवर एवं नंदू कंवर की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है तथा उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स संतोषजनक पाए गए हैं। अस्पताल के पीएमओ डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि जब तक जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पावटा अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है, ताकि अन्य मरीजों को कोई खतरा न हो। इस दौरान जिन मरीजों को सिजेरियन या अन्य ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें अस्पताल की एंबुलेंस के जरिए पास के दूसरे सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित रेफर किया जा रहा है।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि सिजेरियन वाले मरीज अक्सर एनीमिक (खून की कमी) या अन्य बीमारियों के कारण शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं। अत्यधिक गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जो इस संक्रमण की वजह हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बताया कि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की सभी चीजों, स्प्रिट और ग्लूकोज के केमिकल सैंपल लिए गए हैं। एहतियात के तौर पर पावटा अस्पताल के ओटी को तीन-चार दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान जिन मरीजों को सिजेरियन की जरूरत होगी, उन्हें एमडीएम अस्पताल शिफ्ट किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश