परवन योजना में प्रभावित किसानों को 45.65 करोड़ की राहत, डीपीआर अंतिम चरण में
जयपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि परवन योजना के अंतर्गत चारागाह, वन एवं सिवायचक भूमि पर बिना वैध दस्तावेज के बसे किसानों को भूमि अवाप्ति के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा घोषित लगभग 45 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि के चेक वितरित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने ऐसे किसानों के लिए किसी प्रकार के मुआवजे का प्रावधान नहीं किया था।
प्रश्नकाल के दौरान सदस्य राधेश्याम बैरवा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि बारां जिले की अटरू व छबड़ा विधानसभा क्षेत्र तथा झालावाड़ जिले के खानपुर विधानसभा क्षेत्र में परवन परियोजना से वंचित गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बजट 2025-26 में डीपीआर तैयार करने की घोषणा की गई थी। वर्तमान में डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में है और अधिकारियों को इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि बारां जिले की अटरू तहसील में परवन (अकावद) बांध से निकलने वाली दायीं मुख्य नहर आरडी 6.4 किमी से 54.55 किमी तक निर्मित की जा चुकी है। नहर निर्माण एवं डिग्गियों के लिए 685 किसानों (खातेदारों) की भूमि अवाप्त की गई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवाप्त भूमि से प्रभावित अधिकांश काश्तकारों को मुआवजा दिया जा चुका है। 36 किसानों के प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनका भुगतान न्यायालय के निर्णयानुसार किया जाएगा।
वहीं 20 खातेदारों को विशेष अनुग्रह राशि के चेक वितरण की प्रक्रिया जारी है।
इसके अतिरिक्त अटरू तहसील में छूटे 86 खातेदारों के मुआवजे के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत कार्यवाही पूरी कर ली गई है। अवार्ड पारित होने के बाद भुगतान प्रस्तावित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित