पुष्कर सरोवर में वैशाख पंचतीर्थ स्नान शुरू, मोहिनी एकादशी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
अजमेर, 27 अप्रैल (हि.स.)। करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र पुष्कर के पवित्र सरोवर में वैशाख माह का पंचतीर्थ स्नान सोमवार को मोहिनी एकादशी से आरंभ हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन 1 मई को पूर्णिमा के अवसर पर महास्नान के साथ होगा।
शास्त्रों में 12 महीनों में वैशाख मास को अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस माह में पुष्कर सरोवर में स्नान और दान करने का पुण्य कार्तिक स्नान के बराबर प्राप्त होता है। इसी कारण पिछले कुछ दिनों से यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मोहिनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरोवर में विशेष स्नान किया तथा पूजन, परिक्रमा कर ब्रह्मा मंदिर सहित विभिन्न देवालयों के दर्शन किए। पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाशनाथ दाधीच के अनुसार मोहिनी एकादशी का उल्लेख विष्णु पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण और पद्म पुराण में मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार धारण कर समुद्र मंथन से निकले अमृत की रक्षा की थी और देवताओं को अमरत्व प्रदान किया था। उन्होंने बताया कि इस दिन पुष्कर जैसे पवित्र तीर्थ में स्नान, दान, हवन, पूजन और परिक्रमा करने से करोड़ों गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। विशेष रूप से जलदान, अन्नदान और फलदान को श्रेष्ठ माना गया है। साथ ही वृक्षारोपण करने से पितृ दोष का निवारण होता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
मोहिनी एकादशी के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर धर्म लाभ अर्जित किया तथा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष