राजस्थान में पंचायत चुनाव: कई जगह हंगामा और लाठीचार्ज
जयपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में गांवों की सरकार चुनने के लिए शनिवार को पहले चरण का मतदान जारी रहा। प्रदेश के 16 जिलों की 3314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। इस दौरान कई जगह मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला, वहीं कुछ मतदान केंद्रों पर फर्जी मतदान के आरोप, झड़प और हंगामे की घटनाएं भी सामने आईं। बीकानेर और पाली में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
मतदान शाम 6 बजे तक चला , इसके बाद मतगणना शुरू हुई और अब देर रात तक परिणाम आने की संभावना है। बीकानेर की रिडमलसर पुरोहितान ग्राम पंचायत में मतदान के अंतिम समय देवीकुंड सागर मतदान केंद्र के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ के मतदान केंद्र की ओर बढ़ने पर स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसी तरह पाली जिले के रानी पंचायत क्षेत्र के कीरवा गांव में फर्जी मतदान के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा किया।
पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। हालांकि, फर्जी मतदान के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
जयपुर जिले के मौजमाबाद क्षेत्र के नागौरी मोहल्ले में वार्ड पंच की सीट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडे चलने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी। वहीं भीलवाड़ा जिले की उलेला पंचायत में मतदाताओं ने रिटर्निंग अधिकारी पर धमकाने और कथित फर्जी मतदान के आरोप लगाए।
पीपलुंद सहित कुछ अन्य स्थानों पर भी मतदान प्रक्रिया को लेकर नाराजगी और हंगामे की सूचनाएं सामने आईं।
पाली जिले के डुठारिया गांव में परिसीमन को लेकर नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। ग्रामीणों का कहना था कि परिसीमन के बाद उनके गांव को ईटन्दरा मेडतियान से जोड़ दिया गया है और वहां पहुंचने में रास्ते की परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पहले भी प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की थी, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
पाली जिले के सोजत क्षेत्र की देवासियों की ढाणी और हरिपुर में भी पंचायत समिति वार्ड बदलने के विरोध में मतदान बहिष्कार की जानकारी सामने आई।
उदयपुर जिले की भिंडर पंचायत समिति की चारगदिया ग्राम पंचायत में सरपंच प्रत्याशी शक्तिसिंह ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात चुनाव प्रचार के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उनके अनुसार, फौजी बड़ली कच्ची बस्ती के पास हुई घटना में उन्हें चोटें आईं और आठ टांके लगे। प्रत्याशी ने नामजद शिकायत देने की बात कही, जबकि भिंडर थानाधिकारी ने रिपोर्ट मिलने से इनकार किया।
हंगामे और विवादों के बीच मतदान केंद्रों पर लोकतंत्र के प्रति उत्साह की तस्वीरें भी दिखी। नागौर जिले की दुगोली ग्राम पंचायत में दूल्हा मोहम्मद इलियास सेहरा बांधकर मतदान करने पहुंचा। वोट डालने के बाद उसकी बारात रवाना हुई। राजसमंद जिले की कोयल ग्राम पंचायत में 102 वर्षीय महिला व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचीं। जयपुर जिले में 95 वर्षीय बुजुर्ग ने भी मतदान किया। कोटा जिले के टांकरवाड़ा में पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद 40 वर्षीय गिरिराज को परिजन चारपाई पर मतदान केंद्र लेकर पहुंचे।
नागौर की पालड़ी जोधा ग्राम पंचायत में 99 वर्षीय तेजाराम ईनाणिया के परिवार की चार पीढ़ियों ने एक साथ मतदान किया। डूंगरपुर में जुड़वां बहनों सृष्टि और श्रुति कलाल ने पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अलवर के रामगढ़ क्षेत्र में दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद प्रहलाद अपने भतीजे की मदद से मतदान केंद्र पहुंचे और वोट डाला।
इस बार पंच-सरपंच चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया। मतदाताओं ने सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग मतपत्रों पर वोट डाले। मतगणना में पहले वार्ड पंच और उसके बाद सरपंच पद के मतों की गिनती की जाएगी। पहले चरण में 3314 सरपंच और 28,682 वार्ड पंच चुने जाने हैं। मतपत्रों से मतदान होने के कारण मतगणना में अधिक समय लगने की संभावना जताई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित