नाथद्वारा में मंदिरों की फूल-मालाओं से बनेगी जैविक खाद
राजसमंद, 8 अप्रैल (हि.स.)। राजसमंद जिले की नाथद्वारा नगर पालिका ने मंदिरों में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की है। अब मंदिरों से निकलने वाली फूल-मालाओं को नदियों और नालों में प्रवाहित करने के बजाय उनसे जैविक खाद तैयार की जाएगी।
इस संबंध में बीती शाम नगर पालिका सभागार में बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के प्रमुख मंदिरों के पुजारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंदिरों में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं को जलाशयों में प्रवाहित नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें अलग से एकत्रित कर खाद बनाने के लिए उपयोग में लिया जाएगा। इस प्रस्ताव पर सभी ने सहमति जताई।
नगर पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया कि कई बार श्रद्धालु फूल-मालाओं को नदियों या तालाबों में डाल देते हैं, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका की ओर से विशेष ऑटो चलाया जाएगा, जो प्रतिदिन मंदिरों से फूल-मालाएं एकत्रित करेगा।
नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को अलग रखें और उन्हें पालिका के वाहन में ही डालें। एकत्रित फूलों को सेग्रीगेशन यूनिट में भेजकर जैविक खाद तैयार की जाएगी।
जलाशय संरक्षण समिति के तन्मय पालीवाल ने बताया कि इस पहल से जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहेगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता