डिस्कॉम : जोधपुर डिस्कॉम के विभाजन और निजीकरण का विरोध
जोधपुर, 18 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा ऊर्जा सुधारों के नाम पर जारी किए गए रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन के माध्यम से जोधपुर विद्युत वितरण निगम के त्रिविभाजन और निजीकरण की प्रक्रिया तेज करने के विरोध में विद्युत विभाग के तमाम संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है।
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक जगदीश प्रसाद दाधीच ने बताया कि केंद्र सरकार के इन प्रस्तावों से न केवल कर्मचारियों का भविष्य संकट में है, बल्कि यह आम उपभोक्ताओं और किसानों के हितों के खिलाफ भी एक बड़ा षड्यंत्र है। इस अन्यायपूर्ण निर्णय के विरुद्ध जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, जोधपुर बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन, जोधपुर इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, राजस्थान विद्युत मंत्रालिक संगठन, पावर इंजीनियर्स एंड ऑफिसर्स एसोसिएशन, राजस्थान, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी संगठन, राजस्थान विद्युत लेखाकर्मी संघ, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान बिजली वर्कर्स फेडरेशन एकजुट होकर लामबंद हुए हैं।
आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा :
संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में चरणबद्ध आंदोलनकारी कार्यक्रमों की घोषणा की है। इसमें 25 से 27 मार्च तक सभी कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। सात अप्रैल को प्रत्येक सहायक अभियंता उपखंड स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम (प्रबंध निदेशक के मार्फत) ज्ञापन सौंपा जाएगा। पंद्रह अप्रैल को प्रत्येक वृत्त स्तर पर अधीक्षण अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर वृत्त मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। तीस अप्रैल को प्रबंध निदेशक कार्यालय (न्यू पावर हाउस) पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम महाज्ञापन सौंपा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश