भैरूजी मंदिर के समीप कब्रिस्तान को जमीन आवंटन का विरोध, सांसद-विधायक की मौजूदगी में मिले डीएम से

 


चित्तौड़गढ़, 17 जनवरी (हि.स.)। जिले के भदेसर उपखंड के भदेसर तालाब की पाल पर स्थित भदेसर भैरूजी के प्राचीन मंदिर के समीप कब्रिस्तान को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध जताया है और कलेक्ट्रेट पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद, विधायक सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर एक घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान जिला कलक्टर से मिलकर दिये ज्ञापन में बताया कि भदेसर में भैरूजी का प्राचीन मंदिर है जहां कई राज्यों से दर्शनार्थी आते है लेकिन 50 मीटर के समीप की मुस्लिम समाज का कब्रिस्तान बना हुआ है। इस 9 बीघा 13 बिस्वा भूमि का आवंटन 2010 में तीन अलग-अलग टुकड़ों में किया गया। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि मंदिर के विस्तार और दर्शनार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर इस आवंटन को रद्द किया जाना उचित है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में भैरूजी के मंदिर का विस्तार भी किया जाना है। ऐसे में आने वाले समय में साम्प्रदायिक माहौल बिगड़ने की भी संभावना है। वहीं उन्होंने कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से 9 बीघा से अधिक भूमि कब्रिस्तान के लिए आवंटित करना तर्क संगत नहीं है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवंटन से पूर्व भदेसर तालाब की पाल पर 100 से 150 आम के वृक्षों का बाग था। इस बाग की भूमि को भी कब्रिस्तान के नाम पर आवंटन कर दिया और कई आम के पेड़ नष्ट कर दिये गये है और इस बाग में आमजन का प्रवेश भी निषेध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना था कि जो भूमि कब्रिस्तान को आवंटित की गई है वह पूर्व में हिन्दू समाज के छोटे बच्चों की मृत्यु पर दफनाने के लिए काम में लाई जाती रही है और यह भूमि पूर्व में चरागाह के नाम पर दर्ज रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी मांग उठाई गई लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मामले का हल नहीं निकाला तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिला कलक्टर से वार्ता की और जिला कलक्टर ने उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

इस संबंध में बनाई गई संघर्ष समिति के आह्वान पर आज भदेसर कस्बा पूरी तरह बंद रहा और भदेसर कस्बे से बड़ी संख्या में लोग चित्तौड़गढ़ पहुंचे। भदेसर में छोटी-मोटी दुकानें भी नहीं खुली और पूरी तरह शांति बनी रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल