स्टेशनों पर यात्रियों को मिलेगा स्थानीय हस्तशिल्प का स्वाद, ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना से बढ़ी सुविधा

 


काेटा, 17 जनवरी (हि.स.)। रेल मंत्रालय की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के अंतर्गत यात्रियों को यात्रा के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों से जोड़ने की दिशा में सोगरिया स्टेशन तथा न्यू कोटा (ढकनिया तलाब) स्टेशन पर अनुमोदित उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-विक्रय व्यवस्था संचालित की जा रही है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इन दोनों स्टेशनों पर पूर्व में आयोजित प्रदर्शनी-सह-विक्रय को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यात्रियों ने यात्रा के इंतजार के समय स्थानीय उत्पादों को देखने और खरीदने की सुविधा को उपयोगी बताया है, जिससे स्टेशन परिसर में समय का बेहतर उपयोग संभव हुआ है।

इस योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी-सह-विक्रय की अवधि 15 दिनों से लेकर 3 माह तक रखी जा सकती है। इसका उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन पर ही विश्वसनीय एवं प्रमाणित स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराना है, साथ ही पारंपरिक कारीगरी को व्यापक पहचान दिलाना है।

प्रदर्शनी के संचालन के लिए केवल वही व्यक्ति या समूह पात्र होंगे, जो विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अथवा विकास आयुक्त (हथकरघा) द्वारा जारी कारीगर या बुनकर पहचान पत्र के धारक हों, अथवा ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं से नामांकित हों।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत स्वयं सहायता समूह, समाज के वंचित अथवा कमजोर वर्ग से जुड़े कारीगर, एमएसएमई मंत्रालय के उद्योग पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमी, गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े शिल्पकार तथा राज्य सरकार या सामाजिक संगठनों से संबद्ध व्यक्तिगत कारीगर भी आवेदन के पात्र होंगे। हालांकि किसी भी प्रकार की दलाली या बिचौलिया व्यवस्था मान्य नहीं होगी।

इच्छुक पात्र व्यक्ति या समूह 21 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे तक अपने आवेदन स्टेशन प्रबंधक सोगरिया अथवा स्टेशन प्रबंधक न्यू कोटा (ढकनिया तलाब) के कार्यालय से प्राप्त कर वहीं जमा करा सकते हैं। रेलवे का मानना है कि यह पहल यात्रियों के लिए स्टेशन अनुभव को अधिक उपयोगी बनाएगी और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव