आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में 'एक दौड़ राष्ट्र के नाम' युवा मैराथन, निम्बाराम बोले-राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भारत का युवा

 


झुंझुनूं, 25 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर 'एक दौड़ राष्ट्र के नाम' युवा मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने तथा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद शहीद स्मारक से सेठ मोतीलाल कॉलेज खेल स्टेडियम तक मैराथन निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भगवा टी-शर्ट पहने युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में आरएसएस के राजस्थान क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम, जिला संघ चालक मानसिंह, नगर संघ चालक अनूप गाडिया, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी महामंडलेश्वर डॉ. अर्जुनदास महाराज, जयपुर प्रांत सह-प्रचारक विशाल सहित संघ और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि भारत का युवा राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है और उसे व्यक्तिगत सफलता के साथ राष्ट्र निर्माण को भी अपना लक्ष्य बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अशांति और अराजकता का वातावरण विकास की गति को प्रभावित करता है, इसलिए समाज का संगठित, संस्कारित और सशक्त होना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ अथवा विदेशी षड्यंत्रों के प्रभाव में समाज को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, जिससे राष्ट्रीय और सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होती है। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रहकर कंट्री इज माय करियर की भावना भी विकसित करनी चाहिए।

संघ के बारे में बोलते हुए निम्बाराम ने कहा कि पिछले 101 वर्षों में संगठन को रोकने और समाप्त करने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन संघ आज देशभर में एक लाख से अधिक स्थानों पर शाखाओं और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति से प्रेरित अच्छे नागरिक तैयार करना है।

अपने संबोधन में उन्होंने जनसंख्या असंतुलन, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और सामाजिक विघटन जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित में कार्य करना होगा। उनके अनुसार राष्ट्र निर्माण केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव, नागरिक कर्तव्यों के पालन, स्वदेशी सोच और श्रेष्ठ आचरण भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं।

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी महामंडलेश्वर डॉ. अर्जुनदास महाराज ने कहा कि युवा मैराथन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा भावना और चरित्र निर्माण के संस्कार विकसित करना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित युवा ही राष्ट्र की प्रभावी सेवा कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित