एक दिन-एक ही समय 108 से अधिक स्थानों पर होगा गायत्री यज्ञ

 


जयपुर, 30 मार्च (हि.स.)। भारतीय धर्म-संस्कृति में पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। गायत्री परिवार की ओर से 2 अप्रैल, गुरुवार को प्रात: 7:30 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ एक ही समय पूर्णिमा गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की सभी शक्तिपीठों, प्रज्ञा केन्द्रों पर बड़े स्तर पर यज्ञ होगा। एक अनुमान के मुताबिक 108 से अधिक स्थानों पर यज्ञ होगा। लोग ऑनलाइन भी यज्ञ से जुड़ सकेंगे। इसमें देश-विदेश के श्रद्धालु घर बैठे ही भाग ले सकेंगे। गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकार के सामूहिक यज्ञ से वातावरण की शुद्धि, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा का संचार तथा परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। साथ ही यह पहल लोगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे का एक सशक्त प्रयास भी है।

गायत्री परिवार जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि यह यज्ञ सामूहिक आध्यात्मिक उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा के संचार तथा विश्व कल्याण की भावना को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जाएगा। डिजिटल माध्यम के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को धर्म एवं संस्कारों से जोडऩा है। श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे प्रात: 7:15 बजे तक ऑनलाइन लॉगिन कर लें, ताकि यज्ञ से पूर्व की आवश्यक तैयारियां एवं विधि-विधान को समझ सकें। यज्ञ का शुभारंभ ठीक 7:30 बजे किया जाएगा।

यज्ञ में विधिपूर्वक भाग लेने के लिए आयोजकों ने हवन सामग्री की विस्तृत सूची पहले ही जारी कर दी है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे सभी आवश्यक सामग्री जैसे घी, हवन सामग्री, समिधा, पुष्प, रोली, चावल, नारियल, दीपक, मिठाई, फल आदि पूर्व में ही एकत्रित कर लें, ताकि यज्ञ के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही, घर पर ही हवन कुंंड की व्यवस्था करने के लिए भी सरल विकल्प बताए गए हैं, जैसे परात में बालू-मिट्टी भरकर या ईंटों की सहायता से वेदी बनाकर हवन किया जा सकता है।

आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं को निर्देश दिया है कि वे अपने घर में एक स्वच्छ स्थान पर चौकी स्थापित कर भगवान के चित्र रखकर, दीपक प्रज्ज्वलित कर तथा सभी पूजन सामग्री व्यवस्थित कर यज्ञ की तैयारी करें। कार्यक्रम के दौरान सभी विधियां ऑनलाइन माध्यम से बताई जाएंगी, जिससे सहभागी आसानी से यज्ञ कर सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश