माल ढुलाई में उत्तर पश्चिम रेलवे की रिकॉर्डतोड़ छलांग

 


अक्टूबर में 2.806 मिलियन टन माल का लदान, पिछले साल से 14.9 फीसदी अधिक

जोधपुर, 02 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अक्टूबर में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस दौरान 2.806 मिलियन टन माल का लदान हुआ, जो पिछले साल अक्टूबर की तुलना में 14.9 फीसदी अधिक है। इतना ही नहीं, यह निर्धारित लक्ष्य से भी 2.6 फीसदी ज्यादा रहा। इससे पहले अक्टूबर में सर्वाधिक 2.66 मिलियन टन माल लदान का रिकॉर्ड वर्ष 2021 में बना था।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार माल ढुलाई में यह बढ़त केवल एक महीने तक सीमित नहीं रही। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर तक रेलवे ने 19.09 मिलियन टन माल का लदान कर अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा दर्ज किया है। इससे पहले वर्ष 2022-23 की इसी अवधि में 18.7 मिलियन टन माल लदान का रिकॉर्ड था। बढ़े हुए लदान का असर मालभाड़ा आय पर भी दिखा। अक्टूबर में रेलवे ने 342.9 करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो पिछले साल से 14 फीसदी अधिक है। मालगाडिय़ों के संचालन में भी तेजी देखने को मिली

अक्टूबर में औसतन प्रतिदिन 319 मालगाडिय़ों का इंटरचेंज हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल से 13.9 फीसदी और निर्धारित लक्ष्य से 18.1 फीसदी अधिक रहा। 8 अक्टूबर को एक ही दिन में 354 मालगाडिय़ों का इंटरचेंज कर नया दैनिक रिकॉर्ड बनाया गया। इनमें 173 ट्रेनें प्राप्त की गईं,जबकि 181 ट्रेनें आगे रवाना की गईं। इसी दिन पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर भी 154 मालगाडिय़ों का इंटरचेंज दर्ज किया गया। किशनगढ़ बासवास इंटरचेंज ने भी अक्टूबर में नया मासिक रिकॉर्ड बनाया। यहां 1,486 मालगाडिय़ों का इंटरचेंज हुआ, जिनमें 744 ट्रेनें प्राप्त की गईं और 742 रवाना हुईं। इससे पहले सितंबर 2026 में 1,376 मालगाडिय़ों का रिकॉर्ड बना था। लगातार बेहतर होते आंकड़े माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि, बेहतर परिचालन और रेलवे के प्रभावी समन्वय को दर्शाते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश