कांग्रेस के एक प्रत्याशी का नामांकन खारिज, वार्ड 146 में भाजपा उम्मीदवार ने नहीं भरा फॉर्म

 


जयपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव 2026 में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कई वार्डों की चुनावी तस्वीर बदल गई है। नगर निगम के वार्ड 111 में कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन खारिज हो गया। वहीं वार्ड 146 में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन दाखिल नहीं होने से कांग्रेस के सामने बीजेपी का कोई अधिकृत उम्मीदवार मैदान में नहीं है। दूसरी ओर टिकट वितरण को लेकर भाजपा में नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई है। सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 98 के कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर प्रत्याशी सुभाष सिंघी को टिकट देने का विरोध किया।

वार्ड 111 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद के नामांकन की स्क्रूटनी में सामने आया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला विचाराधीन है। इसमें 5 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है। कोर्ट इस मामले में संज्ञान ले चुका है। वहीं ज्वाला प्रसाद के खिलाफ 29 अगस्त 2024 को आरोप भी तय किए जा चुके हैं। इसी आधार पर रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया। भाजपा की जारी सूची में वार्ड नंबर 146 से अफसाना को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन उन्होंने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में इस वार्ड में भाजपा का कोई अधिकृत प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है।

वहीं कांग्रेस ने वार्ड नंबर 146 से अफरोज को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन नहीं भरने के बाद यहां चुनावी मुकाबले के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। अब यह देखना होगा कि भाजपा इस वार्ड में किसी अन्य उम्मीदवार को समर्थन देती है या फिर पार्टी की रणनीति क्या रहती है।

वार्ड 98 में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

टिकट वितरण को लेकर भाजपा में नाराजगी सामने आई है। सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 98 के कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर नारे लगाते हुए सुभाष सिंघी को टिकट देने का विरोध किया। नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने वार्ड में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर ऐसे उम्मीदवार को टिकट दे दिया, जो पहले वार्ड की गतिविधियों में सक्रिय नहीं रहे। कार्यकर्ताओं ने पैराशूट उम्मीदवार को टिकट देने का फैसला बताते हुए टिकट पर पुनर्विचार की मांग की। टिकट चयन के लिए बनाए गए पैनल में तीन नाम शामिल थे। सभी दावेदारों से पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन भी कराए गए थे। इसके बावजूद पैनल में शामिल किसी भी दावेदार को टिकट नहीं दिया गया। इसी फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश