एनआईए जयपुर ने शुरू किया एक वर्षीय जेरियाट्रिक केयर असिस्टेंट कोर्स

 


जयपुर, 22 मार्च (हि.स.)। देश में तेजी से बढ़ रही वृद्धजन आबादी और उनकी विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), जयपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘जेरियाट्रिक केयर असिस्टेंट’ (वृद्धावस्था देखभाल सहायक) के लिए एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की है। यह कोर्स आयुर्वेद आधारित समग्र देखभाल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा।

संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया कि यह पाठ्यक्रम न केवल प्रशिक्षित बल्कि संवेदनशील केयर असिस्टेंट तैयार करेगा, जो वृद्धजनों की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल में दक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में यह पहल समय की आवश्यकता है।

कायचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एच.एम.एल. मीणा के अनुसार, यह कोर्स 12 माह (48 सप्ताह) का होगा, जिसमें कुल 1296 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 144 घंटे सैद्धांतिक एवं 1152 घंटे व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण शामिल रहेगा। प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध होगा।

इस पाठ्यक्रम में आयुर्वेद के जरा विज्ञान, रसायन चिकित्सा, दिनचर्या-ऋतुचर्या के साथ-साथ वृद्धावस्था में होने वाले सामान्य रोग जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, मानसिक विकार एवं स्मृति ह्रास के प्रबंधन का समग्र प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही पंचकर्म सहायक तकनीक, पोषण, दैनिक देखभाल और नैतिक आचरण पर विशेष फोकस रहेगा।

संस्थान के अत्याधुनिक चिकित्सालय एवं पंचकर्म केंद्र में संचालित यह कोर्स विद्यार्थियों को वास्तविक क्लिनिकल अनुभव प्रदान करेगा। इस कोर्स में केवल 15 सीटें उपलब्ध हैं। किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण और 40 वर्ष तक आयु के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

कोर्स पूर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों के लिए आयुर्वेद चिकित्सालयों, वेलनेस सेंटर, वृद्धाश्रम, होम केयर सेवाओं में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे, साथ ही वे अपना स्वयं का सेवा केंद्र भी स्थापित कर सकते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश