सरसों के खेत में मिला नवजात, रोने की आवाज सुनकर किसान ने बचाई जान
करौली, 05 मार्च (हि.स.)। जिले के टोडाभीम क्षेत्र के डोरावली गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां सरसों के खेत में एक नवजात शिशु कार्टन में लिपटा हुआ मिला। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर एक किसान ने उसे देखा और समय रहते उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार डोरावली निवासी किसान कृष्णगोपाल मीणा गुरुवार को अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सरसों के खेत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वे खेत के अंदर पहुंचे तो वहां एक कागज के कार्टन में कपड़े में लिपटा हुआ नवजात पड़ा था। किसान ने तुरंत गांव के लोगों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव की महिलाएं मौके पर पहुंचीं और नवजात को संभालते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद डोरावली में संचालित आमजन रिलीफ एंड गाइडेंस एसोसिएशन संस्था के सदस्य भी मौके पर पहुंचे और बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
नवजात को इलाज के लिए उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच कर उसे निगरानी में रखा।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ लोकेश मीणा ने बताया कि बच्चे का जन्म लगभग 12 से 14 घंटे पहले हुआ है। नवजात का वजन करीब 2.4 किलोग्राम है। उसके सिर पर हल्की चोट और हाथ पर खरोंच के निशान मिले हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। बच्चे को आवश्यक टीके भी लगाए गए हैं।
बाद में नवजात को बेहतर देखभाल के लिए करौली भेजने की तैयारी की गई, जहां उसे बाल संरक्षण दल की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान क्षेत्र के उपखंड अधिकारी अमन चौधरी भी अस्पताल पहुंचे और बच्चे की स्थिति की जानकारी ली।
पुलिस उप अधीक्षक मुरारीलाल मीणा ने बताया कि नवजात को खेत में छोड़ने वाले माता-पिता की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों और अस्पतालों से हाल ही में हुई प्रसव की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि बच्चे के परिजनों का पता लगाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित