नव वर्ष पर हुआ कवि सम्मेलन,कवि विकल फर्रुखाबादी का हुआ सम्मान

 


धौलपुर, 01 जनवरी (हि.स.)। चंबल कला एवं साहित्य संस्थान के तत्वाधान में नूतन वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्थानीय एवीएम कन्वेंट स्कूल में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने राजनीति, भ्रष्टाचार, श्रृंगार एवं ओज सहित अन्य विषयों पर काव्य पाठ किया।

आयोजन में संस्था की ओर से वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार विकल फर्रुखाबादी का साहित्य भूषण के रूप में सम्मान भी किया। कवि सम्मेलन में संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा ने अतिथिथाें का माला पहनाकर तथा प्रतीक िचन्ह प्रदान कर सम्मान किया। कवि सम्मेलन का आगाज कवि बाबूलाल सागर ने मां शारदे की वंदना से किया। भरतपुर से आई कवयित्री प्रिया शुक्ला ने नारी के सम्मान और राष्ट्र में नारी की स्थिति का वर्णन करते हुए अपनी प्रतिनिधि रचना रिश्तो की पावन डोर में गुथी हुई एक माला हूं मैं... प्रस्तुत की। शुक्ला ने श्रंगार के कई मनोहारी छंद एवं मुक्तक सुनाकर खूब समां बांधा। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए वरिष्ठ कवि एवं गीतकार विकल फर्रुखाबादी ने अपनी रचना तुम मेरे स्वच्छ मन से मिलो तो सही,राधिका बन कर तुम्हारे कदम चूम लूं....... प्रस्तुत की, जिसे श्रोताओं ने करतल ध्वनि से सराहा।

कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद वीरेंद्र त्यागी ने अपनी रचना हम आवारा स्वर प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि डाॅ. राकेश दीक्षित ने श्रंगार की रचना तुम्हारी प्रीत में पल-पल संवरते जा रहे हैं हम प्रस्तुत की। कवि राम पटसारिया ने मां की महिमा पर रचना दिल मेरा रोना चाहता है,जब कोई मां की बात करता है प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन में कवयित्री नंदिनी शर्मा ने श्रृंगार, आकाश परमार ने धौलपुर की संस्कृति,प्रेम प्रसून ने भगवान श्रीराम की महिमा,प्रेम शंकर करेला ने वंदेमातर,श्रीराम गोस्वामी ने श्रंगार एवं बाड़मेर के कवि योगेंद्र रघुवंशी ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए काव्य पाठ किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप