यात्री सुरक्षा के लिए कोटा आरपीएफ की नई पहल, बॉडी वॉर्न कैमरे और नेकबैंड माइक से लैस होंगे जवान
कोटा, 06 नवंबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन में बढ़े यात्री आवागमन को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल के कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। इस बार आरपीएफ कोटा द्वारा दो नई पहल करते हुए जवानों के लिए 100 बॉडी वॉर्न कैमरों और 60 नेकबैंड माइक की व्यवस्था की गई है। इनसे सुरक्षा ड्यूटी में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यात्रियों तक आवश्यक सूचनाएं एवं सुरक्षा निर्देश तत्काल पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त 400 आरपीएफ जवानों एवं 60 होमगार्ड जवानों की तैनाती के साथ आधुनिक उपकरणों से निगरानी की जा रही है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विशेष रूप से बॉडी वॉर्न कैमरे और पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (नेकबैंड माइक) का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में नई पहल है।
आरपीएफ जवानों के लिए 100 बॉडी वॉर्न कैमरों की व्यवस्था की गई है। वर्दी पर लगाए जाने वाले इन कैमरों से ड्यूटी के दौरान होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जा सकेगी। इससे सुरक्षा कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ेगी।
यात्रियों तक सुरक्षा निर्देश एवं आवश्यक सूचनाएं तत्काल पहुंचाने के लिए 60 पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (नेकबैंड माइक) की व्यवस्था की गई है। इनका उपयोग विशेष रूप से प्लेटफॉर्म, प्रवेश-निकास द्वार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यात्रियों को निर्देश देने तथा आवागमन व्यवस्थित करने में किया जाएगा।
मंडल में 400 आरपीएफ जवानों के साथ राज्य पुलिस के समन्वय से 60 होमगार्ड जवान तैनात हैं। कोटा जंक्शन पर प्रत्येक शिफ्ट में 13 आरपीएफ जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। मंडल में स्थापित 840 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जिनमें 65 कैमरे कोटा जंक्शन पर हैं। विभिन्न स्टेशनों पर ड्रोन से निगरानी तथा चार डॉग स्क्वाड द्वारा नियमित सुरक्षा जांच की जा रही है। कोटा जंक्शन पर दो बैगेज स्कैनिंग मशीनें एवं दो मेटल डिटेक्टर मशीनें स्थापित हैं। 24 ट्रेनों में आरपीएफ जवान नियमित गश्त कर रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी जवान तैनात हैं।
अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं। आरपीएफ कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे मंडल के वॉर रूम के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है।
त्योहारी सीजन में ट्रेनों में पटाखे, पेट्रोल, केरोसिन एवं अन्य ज्वलनशील या विस्फोटक पदार्थ ले जाने से रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही रेलवे ट्रैक, भवनों और रेल परिसरों के आसपास पटाखे नहीं जलाने के लिए यात्रियों एवं आमजन को जागरूक किया जा रहा है। महिला यात्रियों, विशेषकर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सहायता के लिए आरपीएफ की 'मेरी सहेली' टीम सक्रिय है। साथ ही यात्रियों को जहरखुरानी, चोरी एवं अन्य अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित एवं ज्वलनशील पदार्थ साथ लेकर यात्रा न करें। अनजान व्यक्तियों से खाने-पीने की वस्तुएं स्वीकार न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ को दें। सुरक्षा संबंधी सहायता के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव