भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता पर आधारित पुस्तक का विमाेचन

 


बीकानेर, 19 अगस्त (हि.स.)। देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में हुए बदलावों के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर आधारित पुस्तक “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – न्यू आउटलुक टू क्रिमिनल लीगल सिस्टम” का गौतम लॉ चैम्बर में लोकार्पण किया गया। पुस्तक का विमोचन राजस्थान बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्य अधिवक्ता कुलदीप कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर गौतम लॉ चैम्बर की ओर से राजस्थान बार काउंसिल में निर्वाचित होने पर उनका अभिनंदन भी किया गया।

पुस्तक के लेखक अधिवक्ता डॉ. विनायक चितलांगी, अधिवक्ता पप्पू राम और अधिवक्ता भगवान राम हैं। पुस्तक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत आपराधिक प्रक्रिया में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और उनके व्यावहारिक प्रभावों का अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। इसे अधिवक्ताओं, विधि विद्यार्थियों, शिक्षाविदों तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए संदर्भ सामग्री के रूप में तैयार किया गया है।

राजस्थान बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्य अधिवक्ता कुलदीप कुमार शर्मा ने कहा कि आपराधिक कानूनों में व्यापक बदलाव के बाद नई व्यवस्था को समझना अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों के सामने नई चुनौती है। ऐसे समय में विषय आधारित एवं व्यावहारिक विधिक साहित्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पुस्तक के लेखक अधिवक्ता डॉ. विनायक चितलांगी ने कहा कि नए वैधानिक ढांचे को प्रभावी ढंग से समझने के लिए निरंतर विधिक अध्ययन, शोध और पेशेवर संवाद आवश्यक है। पुस्तक का उद्देश्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों एवं उनके व्यावहारिक प्रभावों को सरल और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करना है।

समारोह में संजय गौतम, गिरिराज जोशी, बजरंग जोशी, अनिल सोनी, चांदनी ओझा, आयशा खान, सुशील कुमार, ऋतुराज तंवर, दीपक शर्मा, भंवर सिंह, हरि चांडक, भंवर बाहेती, नितेश राठी और प्रकाश डागा सहित अनेक अधिवक्ता एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पुस्तक के लोकार्पण एवं विधिक विषयों पर विचार-विमर्श के साथ हुआ। पुस्तक नोखा और बीकानेर में उपलब्ध रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव