नवरात्रि रविवार से, गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

 


जोधपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मंदिरों व घरों में घट स्थापना के साथ ही नवरात्रा रविवार से शुरू हो जाएंगे। नवरात्रा में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है।नवरात्रि के पहले दिन घर-घर घट स्थापना के साथ शक्ति साधना का संकल्प लिया जाएगा। इस बार मां भगवती गज पर सवार होकर आ रही हैं, जिसे धन-धान्य और समृद्धि का संकेत माना गया है। वहीं शुक्र तारा अस्त होने के कारण विवाह और नए कारोबार के शुभारंभ को लेकर भी ज्योतिषीय सलाह दी गई है।

11 अक्टूबर को सूर्योदय से दोपहर साढ़े 12 बजे तक सर्वसाधारण के लिए घट स्थापना की जा सकती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, जिनमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता और कात्यायनी सहित नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूप शामिल हैं।

इस बार भगवती के गज पर सवार होकर आने की धार्मिक मान्यता है। गज को धन-धान्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु नवरात्रि में माता की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

मेहरानगढ़ दुर्ग में चामुण्डा माताजी के मंदिर में 11 अक्टूबर को आसोजी नवरात्रा का प्रारम्भ घट स्थापना के साथ होगा। नवरात्रा में चामुंडा माता मंदिर में दर्शन की व्यवस्था प्रात: 7 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी।

मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासक कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि नवरात्रा स्थापना पर सतवर्ती पाठ का संकल्प और थापना का मुहूर्त दोपहर 12.05 से 12.51 बजे के बीच है। पूर्व नरेश गजसिंह व हेमलता राज्ये इस मुहूर्त के अनुसार मेहरानगढ़ के चामुंडा माता मंदिर में दर्शन व पूजा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन के सुझावानुसार सुबह 7 बजे जयपोल व फतेहपोल के द्वार दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे व शाम 5 बजे तक दर्शनों की व्यवस्था रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश