एसबीआई में 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल

 


जोधपुर, 07 मई (हि.स.)। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (एआईएसबीआईएसएफ) के आह्वान पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी 25 और 26 मई को दो दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। औद्योगिक विवादों को सुलझाने और हड़ताल के अधिकार को विनियमित करने वाले श्रम कानून के तहत यह आधिकारिक नोटिस प्रबंधन को सौंप दिया गया है।

एआईएसबीआईएसएफ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रबंधन द्वारा लगातार द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया जा रहा है और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्थापित व्यवस्था विफल हो चुकी है। हड़ताल 16 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 29 वर्षों से बैंक में मैसेंजर (संदेशवाहक) की भर्ती नहीं की गई है। इस कारण क्लेरिकल स्टाफ को भी मैसेंजर का काम करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और ग्राहक सेवा सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।

बैंक द्वारा सशस्त्र गार्ड्स की आखिरी भर्ती साल 2022 में की गई थी। एटीएम चोरी, डकैती के प्रयासों और बैंक परिसरों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं के बावजूद सुरक्षा गार्ड्स की संख्या कम हो रही है, जो बैंक की संपत्ति, कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। व्यापारिक टार्गेट के भारी दबाव में क्रॉस-सेलिंग के नाम पर ग्राहकों को गलत और अनुपयुक्त बीमा उत्पाद बेचे जा रहे हैं। यह सीधे तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक और बीमा नियामक के पारदर्शिता और ग्राहक उपयुक्तता संबंधी दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन है।

कर्मचारियों के साथ वित्तीय और नीतिगत भेदभाव अपनाया जा रहा है। मेडिकल रीइम्बर्समेंट स्कीम में 2019 के बाद से कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। यूनियन 100 प्रतिशत रीइम्बर्समेंट और इलाज में पंचकर्म को शामिल करने की मांग कर रही है। इसके अलावा, 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के इंटर सर्कल ट्रांसफर को मनमाने ढंग से रोक दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश