विधानसभा के अमृत महोत्सव में महिला विधायकों का राष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रपति मुर्मु को दिया आमंत्रण

 


जयपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत देशभर की महिला विधायकों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को रायपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें इस सम्मेलन में आमंत्रित किया। उन्होंने राष्ट्रपति से सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया। इस दौरान देवनानी ने राष्ट्रपति को राजस्थान विधानसभा के प्रतीक चिह्न की प्रतिकृति भी भेंट की।

देवनानी ने राष्ट्रपति से कहा कि उनकी उपस्थिति देशभर से आने वाली महिला विधायकों का मनोबल बढ़ाने के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका और नेतृत्व को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति के सानिध्य में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण और यादगार आयोजन बनेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए राजस्थान विधानसभा ने महिला विधायकों का विशेष सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य विधायी संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व क्षमता और भूमिका को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में महिलाओं के योगदान पर विचार-विमर्श करने और उनके अनुभव साझा करने का राष्ट्रीय मंच बनेगा। साथ ही महिला सशक्तीकरण से जुड़े उद्देश्यों को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

देवनानी ने राष्ट्रपति को राजस्थान विधानसभा की 75 वर्ष की यात्रा और पिछले दो वर्षों में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा अपने अमृत महोत्सव के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक उपलब्धियों को सामने ला रही है।

उन्होंने 15 जुलाई 2026 को आयोजित पूर्व और वर्तमान सदस्यों के विधायी गौरव यात्रा समागम का उल्लेख किया। विधानसभा के इतिहास में पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाग लेकर समारोह को संबोधित किया था।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि राजस्थान विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने किया था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 14 जुलाई 2023 को राजस्थान विधानसभा में दिए गए संबोधन का भी उल्लेख किया। देवनानी ने कहा कि उस दौरान राष्ट्रपति के विचार विधानसभा की सामूहिक स्मृति में अंकित हैं और उनके संदेश सदन को निरंतर प्रेरणा देते हैं।

देवनानी ने राष्ट्रपति को विधानसभा में किए गए नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा के इतिहास में पहली बार इसके सभी द्वारों के नाम रखे गए हैं और विधानसभा का आधिकारिक प्रतीक चिह्न भी जारी किया गया है। इस प्रतीक चिह्न में अशोक चिह्न, राष्ट्रीय ध्वज, विधानसभा का भवन, राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण, राज्य वृक्ष खेजड़ी और धान की बाली को शामिल किया गया है। इसमें संस्कृत का ध्येय वाक्य ‘राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका’ भी अंकित है।

राष्ट्रपति से हुई इस मुलाकात के दौरान राजस्थान विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा, लोकतांत्रिक परंपराओं और महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका को सशक्त बनाने से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित