नारायणपुर टटवाड़ा रेलवे ओवर ब्रिज शुरू, एलसी-172 स्थायी रूप से बंद

 


कोटा, 02 अगस्त (हि.स.)। सवाई माधोपुर–गंगापुर सिटी रेलखंड पर नारायणपुर–टटवाड़ा स्टेशन यार्ड स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 172 के स्थान पर लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही एलसी-172 को सड़क यातायात के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को रेल फाटक पर रुककर प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी तथा वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के निर्देशन में सुरक्षा, संरक्षा और परिचालन दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूर्ण किया गया है। यह आधुनिक आरओबी 860 मीटर लंबा है, जिसमें 628 मीटर लंबी एप्रोच रोड तथा 7.5 मीटर चौड़ा दो-लेन कैरिजवे बनाया गया है। पुल का निर्माण 7 स्पैन (1×36 मीटर, 5×25 मीटर एवं 1×28 मीटर) पर किया गया है तथा रेल स्तर से इसकी न्यूनतम ऊंचाई 6.8 मीटर रखी गई है, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित एवं निर्बाध रहेगा।

उन्होंने बताया कि यह आरओबी देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली–मुंबई रेलखंड के नारायणपुर–टटवाड़ा सेक्शन पर बनाया गया है। इसके शुरू होने से नारोली डांग गांव, तलावड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को जाम एवं लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। इससे यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी तथा स्थानीय आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम होगा।

जैन ने बताया कि एलसी-172 के स्थायी रूप से बंद होने से रेल एवं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, फाटक के खुलने और बंद होने से ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन दक्षता में भी सुधार होगा। फाटक पर कार्यरत कर्मचारियों को अन्य आवश्यक परिचालन कार्यों में पुनर्नियोजित किया जाएगा, जिससे उपलब्ध मानव संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल अवसंरचना और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना पश्चिम मध्य रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह आरओबी न केवल आमजन के आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव