एक महीने बाद फिर शुरू हुई नाहरगढ़ की टाइगर-लॉयन सफारी

 


जयपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ के हमले के बाद करीब एक महीने से बंद टाइगर और लॉयन सफारी गुरुवार को फिर शुरू कर दी गई। 2 सितंबर को टाइगर ‘शिवाजी’ के हमले में महिला मजदूर की मौत के बाद वन विभाग ने 4 सितंबर से सफारी को आगामी आदेश तक बंद कर दिया था। इसके बाद टाइगर ‘शिवाजी’ को भी क्वॉरेंटाइन में रखा गया था। सफारी बंद रहने से लॉयन सफारी का संचालन भी प्रभावित रहा और करीब एक महीने तक सफारी वाहन खड़े रहे।

एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि सफारी शुरू करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक केसीए अरुण प्रसाद और डीएफओ आशीष व्यास की स्वीकृति ले ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आवश्यक इंतजाम पूरे करने के बाद सफारी बहाल की गई है। वन विभाग ने इस दौरान पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर सामने आई कमियों को दूर किया।

2 सितंबर की सुबह नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सात महिला मजदूर टाइगर ‘शिवाजी’ के एनक्लोजर में घास काट रही थीं। इसी दौरान वन विभाग के केयरटेकर ने मजदूरों को हटाए बिना एनक्लोजर का गेट खोल दिया, जिससे बाघ डिस्प्ले एरिया में आ गया। बाघ ने वहां काम कर रही महिलाओं का पीछा किया।

बाघ से बचने के लिए महिलाओं ने एनक्लोजर में लगे पेड़ों और जाल का सहारा लिया। इसी दौरान बाघ ने एक महिला पर हमला कर उसे नीचे गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। छह अन्य महिलाओं ने जाल पर चढ़कर बाहर की ओर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, जबकि एक महिला पेड़ पर चढ़ गई थी।

घटना के बाद वन विभाग ने टाइगर और लॉयन सफारी को 4 सितंबर से बंद कर दिया था। अब करीब चार सप्ताह बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और आवश्यक सुधार के बाद पर्यटकों के लिए दोनों सफारी फिर खोल दी गई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश