निगम आयुक्त के स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के बारे में पूछते ही अधिकारियों ने साधी चुप्पी
जयपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने पदभार संभालने के बाद पहली बार मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय पर समस्त जोन एवं मुख्यालय उपायुक्त, अधिशाषी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, राजस्व अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त ने आमजन के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, कार्यो को धरातल पर गुणवत्तापूर्ण व निर्धारित समयावधि में समयबद्ध रूप से करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने अधिकारियों को अब अपनी कार्यशैली में बदलाव लेकर आने की बात कहीं। आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कहीं। बैठक के दौरान आयुक्त ने स्वच्छता स्र्वेक्षण की टीम में शामिल अधिकारियों के बारे में पूछा तो किसी भी अधिकारी ने हाथ नहीं उठाया और सभी अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। हाल की बात करें तो शहर की सफाई व्यवस्था खस्ताहाल और शहर में कचरे के ढेर नजर आ रहे है।
ढाई घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में आयुक्त ने पीपीटी प्रजेटेशन के माध्यम से प्रत्येक शाखा के कार्याे का गहन विश्लेषण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त ने स्वास्थ्य शाखा, स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अन्तर्गत किए जा रहेकार्य, राजस्व शाखा, पशु प्रबंधन शाखा, उद्यान शाखा, गैराज शाखा, विद्युत शाखा, हैरिटेज सेल द्वारा किए जा रहे कार्य, एसीटीपी प्रकोष्ठ, प्रोजेक्ट शाखा, अग्निशमन शाखा, आयोजना शाखा सहित अन्य शाखाओं के कार्यो व प्रगति के बारे में जानकारी ली। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 30 दिन से अधिक समय तक लंबित शिकायतों को सात दिवस में निपटाए तथा 30 दिन से कम समय में लंबित शिकायतों को शीघ्र ही निस्तारण करवाया जाए साथ ही साप्ताहिक रिपोर्ट भी दी जाए।
फायर एनओसी प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर देकर उन्होंने आमजन को अनावश्यक परेशनी से बचाने के लिए और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि नगर निगम की नकारात्मक छवि को बदलने का प्रयास करे। आमजन के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। वर्तमान में चल रहे कार्यो को स्पीडअप करने तथा धरातल पर गुणवक्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। अवैध निर्माणों पर लगाम लगाए। अस्थाई एवं स्थाई अतिक्रमणों को हटाए, विशेष रूप से सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की प्रोपर मॉनिटरिंग की जानी चाहिए जिससे आमजन के घरों पर सही समय पर और निरन्तर रूप से हूपर पहुंचे। आयुक्त ने उपायुक्त राजस्व को निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 के राजस्व वसूली के लिए अभी से ही प्रयास किए जाए जिससे शत-प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। आयुक्त ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जोनों में पड़े कबाड़, अनुपयोगी सामान अगले सात दिनों में निस्तारण किया जाए। आयुक्त ने वर्तमान में चल रहे विकास कार्यो, बजट घोषणाओं की भी जानकारी ली साथ ही समयबद्ध रूप से निर्धारित समयावधि में कार्य करने के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश