आयुर्वेद में नाड़ी परीक्षा का महत्वपूर्ण स्थान: कुलगुरु प्रो. शुक्ल
जोधपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (पीजीआईए) के स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग द्वारा आयोजित एक माह के सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम 2026 का उद्घाटन समारोह सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। पाठ्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर दिनेश चंद्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए पाठ्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इसके उपरान्त देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिभागियों ने अपना संक्षिप्त परिचय दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि आयुर्वेद में रोग-विनिश्चय की प्रमुख विधियों में नाड़ी परीक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि नाड़ी विज्ञान आयुर्वेद की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परम्परा का अभिन्न अंग है, जिसके माध्यम से रोगी की प्रकृति, दोष-दुष्टि तथा स्वास्थ्य की स्थिति का सूक्ष्म आकलन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में रोग-विनिश्चय की प्रमुख विधियों में नाड़ी परीक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है तथा इसके नियमित अभ्यास एवं सतत साधना से ही प्रशिक्षणार्थी वास्तविक दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
इस एक माह के सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में राजस्थान सहित कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सहित देश के विभिन्न राज्यों के 32 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत देश के प्रतिष्ठित नाड़ी विशेषज्ञों द्वारा नाड़ी विज्ञान के सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक पक्षों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. (डॉ.) चंदन सिंह ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजाराम अग्रवाल, उपकुलसचिव डॉ. मनोज अधलखा, बालरोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) हरीश कुमार सिंघल, डॉ. पूजा पारीक, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ मनीष कुमार यादव क्रिया शारीर विभाग के समस्त स्नातकोत्तर विद्यार्थी तथा देशभर से जुड़े 32 प्रतिभागी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश