निवेश से पहले सेबी जांच जरूर करें: ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी

 


जयपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने निवेशकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निवेश या भुगतान करने से पहले संबंधित यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड या बैंक खाता संख्या की ‘सेबी जांच’ के माध्यम से पुष्टि अवश्य करें।

उपमहानिरीक्षक पुलिस विकास शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को लालच देकर ठगी कर रहे हैं। निवेशकों की सुरक्षा के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने एक सत्यापन सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि भुगतान के लिए दिया गया यूपीआई पहचान नंबर या बैंक खाता सेबी में पंजीकृत मध्यस्थ से जुड़ा है या नहीं।

सबसे पहलेसेबी साथी मोबाइल ऐप डाउनलोड करें या सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद मुख्य पृष्ठ पर दिए गए सेबी जांच विकल्प पर क्लिक करें। यहां संबंधित व्यक्ति या संस्था का क्यूआर कोड अपलोड करें या उसकी यूपीआई आईडी अथवा बैंक खाता संख्या दर्ज करें। यदि परिणाम में “यूपीआई आईडी मान्य है” दिखाई देता है, तो इसका अर्थ है कि यह आईडी सेबी में पंजीकृत मध्यस्थ से जुड़ी है और लेनदेन अपेक्षाकृत सुरक्षित है। यदि “यूपीआई आईडी अमान्य है” दिखे तो ऐसी स्थिति में भुगतान नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने सलाह दी है कि केवल सेबी-पंजीकृत ब्रोकर या निवेश सलाहकार के माध्यम से ही निवेश करें। सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले जल्दी पैसा दोगुना करने के प्रलोभनों से सावधान रहें और किसी व्यक्तिगत खाते में निवेश की राशि जमा न करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश