यूडी टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए निगम का नया प्लान, जेडीए, रीको और हाउसिंग बोर्ड से मांगा सहयोग

 


जयपुर, 08 जून (हि.स.)। नगर निगम ने राजस्व संग्रहण बढ़ाने के उद्देश्य से नया एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) तथा राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को नए बेचान वाले भवनों और भूखंडों पर शहरी विकास (यूडी) टैक्स की वसूली में सहयोग करने के लिए पत्र भेजा गया है।

नगर निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से नई संपत्तियों का रिकॉर्ड निगम के डेटाबेस में स्वतः शामिल हो सकेगा और राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी। निगम लंबे समय से शहर की सभी कर योग्य संपत्तियों का समुचित डेटा जुटाने में सफल नहीं हो पाया है। इसके चलते संभावित राजस्व का बड़ा हिस्सा निगम की पहुंच से बाहर है।

नगर निगम के राजस्व उपायुक्त मनोज कुमार ने बताया कि जेडीए, हाउसिंग बोर्ड और रीको को पत्र लिखकर मकान, भवन या भूखंड के हस्तांतरण के दौरान संबंधित मालिकों से यूडी टैक्स वसूलने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि कर योग्य संपत्तियों की पहचान के लिए भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार जयपुर नगर निगम के पास केवल 1.66 लाख कर योग्य संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि सूरत नगर निगम के रिकॉर्ड में 24.20 लाख कर योग्य संपत्तियां शामिल हैं। इसी अवधि में जयपुर नगर निगम ने 140 करोड़ रुपये का कर संग्रहण किया, जबकि सूरत नगर निगम का कर संग्रहण 1,720 करोड़ रुपये से अधिक रहा।

नगर निगम ने कर योग्य संपत्तियों की पहचान और कर वसूली के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंप रखी है। हालांकि अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बावजूद निगम के कर आधार में वृद्धि सीमित रही है। विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान के नगर निकायों के पास कर निर्धारण और कर दरों में संशोधन का अधिकार नहीं है। यह अधिकार राज्य सरकार के पास सुरक्षित है। इसके विपरीत सूरत नगर निगम को प्रोपर्टी टैक्स की दरों और नियमों में संशोधन करने की स्वायत्तता प्राप्त है, जिससे राजस्व संग्रहण में उसे लाभ मिलता है।

राजस्थान में वर्तमान नियमों के तहत 300 वर्गगज तक की आवासीय संपत्तियां, 100 वर्गगज अथवा 900 वर्गफीट तक की व्यावसायिक एवं संस्थागत संपत्तियां, 1500 वर्गफीट तक के आवासीय फ्लैट, कृषि भूमि, रीको क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयां तथा भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की एक आवासीय संपत्ति को कर में विभिन्न प्रकार की छूट प्रदान की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश