मानसून के बीच बारिश जनित हादसों पर रोकथाम के लिए निगम अलर्ट, शहरभर में सुरक्षा इंतजाम तेज
जयपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही राजधानी जयपुर में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हर वर्ष बरसात के दौरान करंट लगने, खुले नालों में गिरने, जलभराव और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं को देखते हुए नगर निगम ने इस बार पहले से ही व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए हैं। निगम प्रशासन का दावा है कि बारिश जनित हादसों की रोकथाम के लिए सभी जोनों में सुधारात्मक कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं और अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में एक हजार से अधिक पार्क हैं। इन पार्कों में लगे विद्युत उपकरणों, खुले पड़े बिजली के तारों, जंक्शन बॉक्स और स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी खुले तार या क्षतिग्रस्त विद्युत बॉक्स मिले हैं, वहां उनकी मरम्मत कर तारों पर इंसुलेटिंग टेपिंग का काम अंतिम चरण में है। साथ ही खराब विद्युत उपकरणों को बदलने का कार्य भी जारी है, ताकि बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। निगम की ओर से शहर की प्रमुख सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर लगी रोड लाइट्स की भी विशेष जांच कराई जा रही है। कई स्थानों पर पुराने और क्षतिग्रस्त विद्युत कनेक्शनों को बदलने के साथ पोलों की अर्थिंग की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बारिश के समय नालों और जल निकासी मार्गों के आसपास होने वाले हादसों को रोकने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है। शहर के बड़े और छोटे नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिन पर आमजन को बारिश के दौरान नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। सभी जोनों की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा संकेतक लगाने का कार्य कर रही हैं। जहां आवश्यकता है, वहां बैरिकेडिंग भी की जा रही है। इसके अलावा निगम ने जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर वहां सफाई और नालों की नियमित निगरानी शुरू कर दी है। ड्रेनेज सिस्टम को सुचारु बनाए रखने के लिए नालों से गाद और कचरा हटाया जा रहा है, ताकि तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित न हो। हालांकि नगर निगम तय समय पर नालों की सफाई का काम पूरा नहीं कर पाया है। शहरभर में करीब 900 से अधिक छोटे-बड़े नाले है। कंट्रोल रूम के माध्यम से विभिन्न जोनों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि बारिश के दौरान खुले विद्युत तार, क्षतिग्रस्त स्ट्रीट लाइट, खुले मैनहोल या किसी भी प्रकार की खतरनाक स्थिति दिखाई देने पर तुरंत संबंधित जोन कार्यालय या निगम के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। साथ ही लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों और विद्युत पोलों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि कहीं भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। निगम का उद्देश्य है कि इस मानसून में बारिश जनित हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाकर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निगम में विद्युत एक्सईएन निधि का कहना है कि पार्क आदि में लाइट पाेल की मरम्मत, ताराें पर टेपिंग सहित अन्य सुधारात्मक काम करवाए जा रहे है ताकि बारिश के दाैरान करंट से आमजन काे बचाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश