चलती ट्रेन में तलाश कर नाबालिग का कोटा स्टेशन पर किया रेस्क्यू

 


काेटा, 06 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए घर छोड़कर निकली एक नाबालिग बालिका को सकुशल रेस्क्यू कर चाइल्डलाइन कोटा को सौंप दिया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मनीष कुमार द्वारा सूचना दी गई कि उनके मित्र की नाबालिग बहन घरेलू विवाद के बाद घर से निकल गई है तथा उसके गाड़ी संख्या 19038 अवध एक्सप्रेस से यात्रा करने की आशंका है। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल भगवान सिंह एवं महिला कांस्टेबल विमला देवी को कोटा स्टेशन पर ट्रेन की तलाशी के लिए तैनात किया। गहन खोज के दौरान सामान्य श्रेणी के कोच में एक नाबालिग बालिका मिली, जिसकी पहचान सूचना में बताए गए विवरण से मेल खाने पर उसे सुरक्षित आरपीएफ अभिरक्षा में लिया गया।

आरपीएफ ने तत्काल चाइल्डलाइन कोटा को सूचना दी, जिस पर काउंसलर श्रीमती महिमा पंचाल एवं श्रीमती जागृति आहूजा आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं। पूछताछ में 17 वर्षीय बालिका ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की निवासी है तथा सहेलियों से मिलने के उद्देश्य से घर से निकल आई थी।

आवश्यक कानूनी एवं औपचारिक कार्रवाई पूर्ण करने के बाद बालिका को सुरक्षित संरक्षण के लिए चाइल्डलाइन कोटा के सुपुर्द कर दिया गया।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि किसी ट्रेन अथवा रेलवे परिसर में कोई नाबालिग बालक या बालिका असहाय, संदिग्ध अथवा संकटग्रस्त स्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 या निकटतम आरपीएफ कर्मी को दें। आपकी एक सूचना किसी बच्चे को उसके परिवार से मिलाने और संभावित खतरे से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव