मेवाड़ दर्शन यात्रा का समापन, कार्यकर्ताओं ने सेवा का संकल्प दोहराया
उदयपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की ओर से आयोजित मेवाड़ दर्शन यात्रा-2026 का समापन एवं अनुभव कार्यक्रम कल्याण आश्रम कार्यालय में हुआ। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने जनजाति क्षेत्रों में संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों का अवलोकन कर वहां किए जा रहे सेवा कार्यों को करीब से समझा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र प्रकाश पंचोली, प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी, जिला संघ चालक बिलाड़ा नरपतसिंह तथा सुभेसिंह जांगिड़ सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रांत छात्रावास प्रमुख शंकर पटेल ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि संचालन प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने किया।
यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि कल्याण आश्रम का कार्य केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। यात्रा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन, खेल, सामाजिक जागरण तथा महिला एवं युवा विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को समझने का अवसर मिला।
कार्यकर्ताओं ने भविष्य में भी परिषद के सेवा कार्यों से सक्रिय रूप से जुड़े रहने तथा सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाने में तन-मन-धन से सहयोग का विश्वास दिलाया।
प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी ने परिषद की कार्यपद्धति और विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी देते हुए कहा कि जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास, आत्मगौरव, स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से लगातार कार्य किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में एकल विद्यालय, संस्कार केंद्र और छात्रावासों के माध्यम से बच्चों तक शिक्षा एवं संस्कार पहुंचाए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आरोग्य रक्षक केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि महिला सशक्तीकरण के लिए स्व-सहायता समूह और कौशल प्रशिक्षण तथा युवाओं के लिए खेल, नेतृत्व विकास और सामाजिक दायित्व से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जुड़ा रहते हुए आधुनिक शिक्षा एवं विकास के अवसरों का भी लाभ उठाए, यही परिषद के प्रयासों का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर ने कहा कि सेवा कार्यों को व्यापक बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन के क्षेत्र में अभी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सेवा को केवल कार्यक्रम न मानकर समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व के रूप में निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सेवा, संगठन और समाज जागरण के माध्यम से जनजाति समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
मेवाड़ दर्शन यात्रा का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को सेवा प्रकल्पों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना और सेवा भावना को मजबूत करना रहा। यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकल्पों का अवलोकन और स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद कर प्रतिभागियों ने सेवा कार्यों की वास्तविक जरूरतों को समझा। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्यों को गति देने और परिषद के विभिन्न प्रकल्पों में हरसंभव सहयोग का संकल्प दोहराया। कल्याण मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित