मीरा की नगरी मेड़ता को मिलेगा विरासत और आधुनिकता का संगम
जोधपुर, 01 जून (हि.स.)। संत शिरोमणि मीरा बाई की जन्मभूमि और भक्ति साहित्य की पावन धरती मेड़ता अब आधुनिक रेलवे सुविधाओं के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी नए रूप में प्रस्तुत करेगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य स्टेशन को केवल यात्रियों के आवागमन का केंद्र बनाना नहीं,बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधि स्वरूप प्रदान करना भी है।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे द्वारा मेड़ता रोड स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय एवं मारवाड़ी स्थापत्य शैली को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया है। स्टेशन भवन का बाहरी स्वरूप पारंपरिक राजस्थानी वास्तुकला से प्रेरित है जिसमें झरोखे,कलात्मक मेहराब,जालीदार नक्काशी, पारंपरिक चित्रांकन तथा मरुस्थलीय रंगों का समावेश किया जा रहा है। आधुनिक निर्माण तकनीकों और पारंपरिक कलात्मक तत्वों के समन्वय से स्टेशन को एक विशिष्ट पहचान देने की योजना है। उन्होंने बताया कि स्टेशन का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा करवा लिया गया है जबकि फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है जिसे जल्द पूरा करवा लिया जाएगा। मेड़ता की पहचान विश्वभर में संत मीरा बाई की जन्मस्थली के रूप में है।
भक्ति आंदोलन की प्रमुख कवयित्री मीरा बाई ने अपने कृष्ण प्रेम और अमर पदों से भारतीय साहित्य को नई दिशा दी। इसी सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में मीरा बाई के जीवन, उनकी काव्य साधना और मेड़ता की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े कलात्मक तत्वों को स्थान दिया जाना है। इससे स्टेशन आने वाले यात्रियों को मेड़ता की ऐतिहासिक एवं साहित्यिक धरोहर से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण
उन्होंने बताया कि 19 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे पुनर्विकास कार्यों के तहत स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। आकर्षक प्रवेश द्वार, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, सुगम ड्रॉप-ऑफ जोन और बेहतर यातायात प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। प्लेटफॉर्मों पर उच्च स्तरीय शेल्टर, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, आरामदायक बैठने की सुविधाएं, उन्नत फ्लोरिंग तथा डिजिटल सूचना डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।
यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए स्टेशन पर लिफ्ट लगाई गई है। चौड़े फुट ओवर ब्रिज यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाएंगे। वातानुकूलित एवं सामान्य प्रतीक्षालय,आधुनिक और दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय, स्वच्छ पेयजल, नि:शुल्क वाई-फाई तथा बेहतर साइनेज जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी परियोजना का हिस्सा हैं।
मिलेंगी उच्च स्तरीय सुविधाएं
रेलवे स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए विशेष कियोस्क भी विकसित करेगा। स्टेशन परिसर में हरित क्षेत्र, लैंडस्केपिंग,फूड कोर्ट,बेहतर पार्किंग व्यवस्था और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
गौरतलब है कि जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक व उनकी टीम ने हाल ही में मेड़ता रोड, रेण और डेगाना स्टेशनों के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। प्रत्येक स्टेशन पर लगभग 15 से 17 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य प्रगति पर हैं। परियोजना में प्लेटफॉर्म उन्नयन, फुट ओवर ब्रिज,अंडरपास,सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास कार्य शामिल हैं। रेलवे के अनुसार मेड़ता रोड एक महत्वपूर्ण जंक्शन होने के कारण इसके विकास में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि स्टेशन यात्रियों के लिए केवल ट्रेन पकडऩे का स्थान न रहकर एक ऐसा आधुनिक एवं सुविधासंपन्न केंद्र बने, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक अवसंरचना का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश