महिलाओं को पंचायत राज संस्थाओं में आरक्षण दिया तो पुरुषों ने आपत्ति जताई थी : वसुन्धरा राजे

 




डीडवाना, 13 जनवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने पंचायत राज संस्थाओं के महिला आरक्षण को लेकर खुलासा करते हुए कहा कि जब उन्होंने महिलाओं को पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, तब पुरुषों को आपत्ति थी कि आप महिलाओं को आरक्षण तो दे रही हो, लेकिन क्या ये घूंघट से भी बाहर आ पायेंगी ? राजे ने कहा कि इस आरक्षण के बाद गांव की महिलायें घूंघट से बाहर आई और जिला प्रमुख, प्रधान व सरपंच जैसे पद को उन्होंने बखूबी संभाला।

वे श्री बांगड़ महिला महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव में बोल रही थी। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मुख्य अतिथि थे।

पूर्व सीएम ने कहा कि आजादी के समय महिला साक्षरता 9 प्रतिशत थी, आज 70 प्रतिशत है, फिर भी महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं। वे आभारी हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए। उन्होंने कहा पुरूषों की बराबरी के लिए महिलाओं का महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा महिला हकों की रक्षा करना होगा।

प्रतिभा पाटील और द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च पद पर पहुंच सकती हैं, तो डीडवाना की बेटियां क्यों नहीं ? कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व स्थानीय विधायक यूनुस ख़ान और राजपाल शेखावत भी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव