राजमेस भर्ती की वेटिंग सूची से पहले गृह जिलों में रिलोकेशन की मांग, डूंगरपुर पहुंचे चिकित्सा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

 






डूंगरपुर, 15 जुलाई (हि.स.)।

राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 'सीएसआर-22 स्टाफ नर्स राजमेस भर्ती 2025' के तहत नवनियुक्त संविदा स्टाफ नर्स ग्रेड-2 (नर्सिंग ऑफिसर्स) ने गृह जिलों में रिलोकेशन (समायोजन) की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को डूंगरपुर प्रवास के दौरान नवनियुक्त नर्सिंग कर्मियों ने प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि भर्ती की वेटिंग सूची जारी करने से पहले वर्तमान में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों को उनके गृह जिलों या नजदीकी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए।

ज्ञापन में नर्सिंग कर्मियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देकर सराहनीय कार्य कर रही है, लेकिन पदस्थापन नीति में कुछ व्यावहारिक सुधार की तत्काल आवश्यकता है। वर्तमान में इस भर्ती के तहत नवनियुक्त कर्मियों को मात्र 18,900 रुपये मासिक मानदेय पर नियुक्त किया गया है।

इतने कम मानदेय में गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर दूसरे जिलों में सेवाएं देना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। विशेष रूप से महिला व विवाहित कार्मिकों को पारिवारिक तालमेल बिठाने में गंभीर परेशानियां आ रही हैं। इसके अलावा एकल, विधवा और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों पर भारी आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है।

नर्सिंग संगठनों का तर्क है कि प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इस भर्ती के कई पद अभी भी रिक्त पड़े हैं। यदि विभाग वेटिंग सूची जारी करने से पहले इन रिक्त सीटों पर दूर-दराज कार्यरत नर्सिंग कर्मियों को गृह जिलों में समायोजित (रिलोकेट) कर देता है, तो पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी।

नर्सेज नेताओं के अनुसार, भर्ती से पहले एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कई अनुभवी युवाओं को हटाया गया था, जिससे वे पहले से ही आंदोलनरत हैं। रिक्त पदों की सही स्थिति स्पष्ट कर पहले समायोजन करने और उसके बाद बची सीटों पर वेटिंग सूची जारी करने से भर्ती किसी भी प्रकार के कानूनी या सामाजिक विवाद में फंसने से बच जाएगी।

इससे पूर्व, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर बुधवार को बांसवाड़ा जाते समय डूंगरपुर के उदय बिलास पैलेस में रुके। वहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। मंत्री ने अस्पतालों को पूरी तरह संक्रमण मुक्त बनाए रखने तथा मरीजों व प्रसूताओं को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।

इसी दौरान राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भी स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का एक अन्य ज्ञापन सौंपा। समिति ने मुख्य रूप से 10, 20 और 30 बोनस अंकों के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम की नई भर्ती जल्द से जल्द आयोजित करने, टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) क्षेत्र के लिए पृथक पद स्वीकृत करने, सीएसआर भर्ती से प्रभावित रहे नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की तत्काल सेवा बहाली करने की मांग की।

स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों ही ज्ञापनों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और इस संवेदनशील मामले में सहानुभूतिपूर्वक उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष