सिर की चोट के बाद असामान्य नींद और उल्टी खतरे की घंटी: डॉ. नितिन भाकल

 


जयपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। सिर पर चोट लगने के बाद व्यक्ति का सामान्य महसूस करना हमेशा खतरे से बाहर होने का संकेत नहीं है। गिरने, सड़क दुर्घटना या खेलते समय सिर टकराने के बाद असामान्य नींद, बार-बार उल्टी या व्यवहार में बदलाव मस्तिष्क में चोट अथवा आंतरिक रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के न्यूरोसर्जरी सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नितिन भाकल के अनुसार, सिर की चोट के बाद हल्की थकान या नींद आना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन व्यक्ति को जगाने में परेशानी हो, अत्यधिक सुस्ती या भ्रम की स्थिति हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इसी तरह, चोट के बाद बार-बार उल्टी होना भी गंभीर चेतावनी संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

उन्हाेंने बताया कि चोट के बाद लगातार बढ़ता सिरदर्द, बेहोशी, दौरे पड़ना, बोलने या चलने में परेशानी, हाथ-पैरों में कमजोरी, आंखों की पुतलियों का असमान होना या कान-नाक से साफ तरल निकलना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में सिर की चोट के बाद उल्टी होने पर भी चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

डॉ. भाकल के अनुसार, मस्तिष्क की कुछ चोटों के लक्षण कई घंटे बाद भी सामने आ सकते हैं। इसलिए चोट के बाद शुरुआती 24 घंटे विशेष निगरानी जरूरी है। व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और बिना चिकित्सकीय सलाह के नींद की दवा न दें। जरूरत के अनुसार चिकित्सक तंत्रिका तंत्र की जांच और सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सिर की चोट को मामूली समझ कर टालने के बजाय समय पर उपचार लेना गंभीर जटिलताओं से बचाव में महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश