एमडीएसयू में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू
अजमेर, 26 जून (हि.स.)। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में डिजिटल विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र ने युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों तथा कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों का लाभ उठा सकें।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पाठ्यक्रम में किसी भी संकाय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, करियर परिवर्तन के इच्छुक युवक-युवतियां, व्यवसायी, स्टार्टअप उद्यमी, पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े सदस्य, फ्रीलांसर तथा डिजिटल कौशल विकसित करने के इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश ले सकते हैं। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें ऐसे व्यावसायिक कौशल उपलब्ध कराना है, जो उन्हें रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बना सकें।
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य युवाओं को ज्ञान के साथ कौशल, नवाचार और रोजगार क्षमता से जोड़ना है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के वर्तमान दौर में डिजिटल मार्केटिंग जैसे कौशल विद्यार्थियों के लिए नए करियर अवसरों के द्वार खोलते हैं।
उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. आशीष पारीक ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्र कार्यालय से आवेदन प्रपत्र, पाठ्यक्रम की अवधि, शुल्क, कक्षाओं के समय और अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष