विश्व आदिवासी दिवस पर ‘मीणा हाईकोर्ट’ में जुटा जनसैलाब, किरोड़ी के जीवन-संघर्ष पर पुस्तक का विमोचन
दौसा, 09 अगस्त (हि.स.)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दौसा के नांगल प्यारीवास स्थित मीणा हाईकोर्ट परिसर में बड़ा आयोजन किया गया। राजस्थान सहित अन्य राज्यों से आदिवासी समाज के लोग कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजन के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के जीवन और संघर्ष पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यहां बड़ी संख्या में GEN Z मौजूद है। उन्होंने युवाओं को बताते हुए कहा कि उन्हें यह जानना चाहिए कि इस स्थान का नाम ‘मीणा हाईकोर्ट’ कैसे पड़ा। किरोड़ी ने उस पुराने घटनाक्रम को याद करते हुए कहा कि इसी जगह से पंचों को छुड़ाने के लिए करीब 50 हजार लोग दौसा कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े थे। कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने 14 पंचों को लाकर उनके सामने सौंप दिया। उन्होंने कहा कि वह आज तक यह नहीं समझ पाए कि पुलिस ने पंचों को उन्हें क्यों सौंपा, जबकि पंचों को कहा जा रहा था कि उन्हें ‘हाईकोर्ट’ जाना पड़ेगा।
इससे पहले मंच से किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा ने कहा कि मीणा हाईकोर्ट का निर्माण किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के लिए हुआ है। उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पंच-पटेलों ने हत्या के आरोपी प्रेमी-प्रेमिका को सजा सुनाई थी। इसके बाद पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर ले गई।
जगमोहन मीणा के अनुसार, घटना के बाद किरोड़ी लाल मीणा समर्थकों के साथ दौसा की ओर कूच कर गए। दबाव बढ़ने पर पुलिस को आना पड़ा और पंच-पटेलों को छोड़ना पड़ा। इसके बाद इस स्थान को ‘मीणा हाईकोर्ट’ के नाम से जाना जाने लगा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार ने डांस परफॉर्मेंस दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान और विशेषकर दौसा में उनका यह पहला शो है। उन्होंने मंच से कहा कि हरियाणवी गाने सबसे ज्यादा राजस्थान में सुने जाते हैं।
वहीं महवा विधायक राजेंद्र मीणा की पोती स्नेहल ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आगमन पर ‘फूल बिछाओ स्वागत में’ गीत पर नृत्य कर उनका स्वागत किया। इस प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
आयोजकों के अनुसार करीब 70 बीघा में फैले मीणा हाईकोर्ट परिसर में कार्यक्रम के लिए दो बड़े डोम बनाए गए हैं, जिनमें करीब एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार करने के लिए करीब 100 हलवाई लगाए गए हैं। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर और आसपास के क्षेत्र में करीब 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। राजस्थान के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले आदिवासी समाज के लोगों के वाहनों के लिए चार पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन में जहां एक ओर आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक रंग नजर आया, वहीं मीणा हाईकोर्ट के इतिहास और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के राजनीतिक-सामाजिक संघर्ष को लेकर भी चर्चा रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित