आईआईटी जोधपुर मरूधरा प्रतिबद्धता दिवस पर करेगी नवाचार

 


सीमावर्ती क्षेत्र और जयपुर में विस्तार की योजना, जल संकट और जोजरी नदी पर विशेष ध्यान

जोधपुर, 01 मई (हि.स.)। आईआईटी जोधपुर दो मई को अपना प्रथम मरूधरा प्रतिबद्धता दिवस मनाएगी। इस अवसर पर, आईआईटी जोधपुर राज्य की प्रमुख समस्याओं, विशेषकर राजस्थान और मारवाड़ क्षेत्र की जल, ट्रांसपोर्ट, और शहरी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शोध कार्य प्रस्तुत करेगी। प्रदेश के मुख्य सचिव श्रीनिवासन और अन्य उच्च अधिकारियों को इस दौरान आईआईटी जोधपुर द्वारा किए गए शोध कार्यों की जानकारी दी जाएगी।

आईआईटी जोधपुर के निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी जोधपुर ने राजस्थान के जल संकट पर कई शोध कार्य किए हैं, जिनमें अब तक 27 रिसर्च परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इसके साथ ही, शहरी योजनाओं (अर्बन प्लानिंग), ट्रांसपोर्ट, और हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्रों में भी शोध कार्यों के जरिए व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। डॉ. अविनाश अग्रवाल ने बताया कि बाड़मेर और जैसलमेर में जल संकट और भूजल के खजाने को लेकर गहरे शोध किए जा रहे हैं। इसके अलावा, जोजरी नदी के प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाली समस्या का समाधान करने के लिए आईआईटी जोधपुर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।

आईआईटी जोधपुर के जयपुर में एक नया सेंटर खोलने की योजना है, जिसके लिए राज्य सरकार के साथ बातचीत जारी है। हालांकि, केंद्र सरकार से अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। इसके अलावा, आईआईटी जोधपुर जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र में भी एक नया सेंटर खोलने की योजना बना रही है, जहां डिफेंस, जल संकट, कृषि और गर्मी के मुद्दों पर शोध किया जाएगा।

डॉ. अविनाश अग्रवाल ने यह भी जानकारी दी कि आईआईटी जोधपुर में आगामी दो मई को एरोस्पेस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इकोनॉमी, और एनर्जी एंड एनवायरनमेंट के नए विभाग खोले जाएंगे। यह आईआईटी जोधपुर के शैक्षिक और अकादमिक विस्तार के महत्वपूर्ण कदम होंगे। इस अवसर पर, आईआईटी जोधपुर के द्वारा किए जा रहे इन नवाचारों और शोध कार्यों से राज्य और विशेष रूप से मरूधरा क्षेत्र में विकास और सुधार की नई राहें खुलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश