शहर को स्वच्छ बनाने के लिए बजट की नहीं बल्कि इच्छाशक्ति की जरूरत : के.के. गुप्ता
बीकानेर, 16 अप्रैल (हि.स.)। स्वच्छ भारत मिशन (शहर) के लगातार तीसरी बार स्टेट ब्रांड एंबेसडर बनाए गए के के गुप्ता ने गुरुवार को जिला परिषद सभागार में स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित आवश्यक बैठक लेते हुए शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किये। कार्यक्रम में निगम कमिश्नर सिद्धार्थ पलनीचामी, श्याम पंचारिया, निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, स्वच्छ भारत मिशन के जिला संयोजक भंवर लाल जांगिड़, सह संयोजक सुरेन्द्र स्वामी समेत नगर निगम व जिले के सभी शहरी निकायों के अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
के.के. गुप्ता ने बताया कि शहरों में पूर्ण सफाई को लेकर पांच बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इससे शहर 90 फीसदी तक साफ नजर आएंगे। प्रतिदिन हो डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, वाणिज्यिक क्षेत्रों में हो नाइट स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों में हो दिन में तीन बार सफाई, प्लास्टिक थैली नजर ना आए, निजी प्लॉट्स की भी हो सफाई।
एसबीएम के स्टेट ब्रांड अंबेसडर गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा शहर के प्रत्येक पोल पर लाइट हो और शत-प्रतिशत जलनी भी चाहिए। खराब हो तो 24 घंटे में रिप्लेस हो। सीवरेज ओवरफ्लो ना हो, चॉक ना हो।बाग-बगीचों की नियमित सफाई हो। वहां झूले लगे हों तथा फव्वारे कार्यशील हों। निर्माण सामग्री सडक़ो और नालियों को बाधित नहीं करे। बिना लाइसेंस के मांस की दुकानों को बंद करवाया जाए। डिवाइडर कचरा पात्र नहीं बनें। सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर नहीं चिपके। कचरा यार्ड में आग नहीं लगनी चाहिए। नालियां साफ हों। सड़क टूटी फूटी ना हो। शहर में झील या तालाब हो तो उसमें गंदा पानी ना जा पाए। छोटे-छोटे ट्रीटमेंट प्लांट हो। कचरा यार्ड में आग ना लगे, वहां जानवर ना हो। कचरे का 100 फीसदी प्रोसेस हो।
गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को लेकर कर्मचारी और बजट कम होने का बहाना बनाने की जरूरत नहीं है। स्वच्छता में धन दौलत की जरूरत नहीं बल्कि इसे जन आंदोलन बनाने और इच्छाशक्ति की जरूरत है। जब हम डूंगरपुर जैसे आदिवासी जिले को स्वच्छ बना सकते हैं तो राज्य का हर शहर और कस्बा स्वच्छ बन सकता है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिवर्ष करीब 25 लाख लोग गंदगी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। राज्य में करीब 3500 करोड़ रुपए गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के इलाज में खर्च हो जाता है।देश को हम 2047 तक विकसित तभी बना पाएंगे जब देश और प्रदेश स्वच्छ होंगे।
के.के.गुप्ता ने कहा कि साफ सफाई और हरियाली से व्यक्ति की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है। साथ ही कहा कि सब कामों का मठाधीश स्वच्छ भारत मिशन है। उसके बिना विकास के सब कार्य बौने हैं। अगर हमने विकास कर लिया और सफाई नहीं है तो सब कार्य बेमानी है।
कार्यशाला में आवर फोर नेशन के फाउंडर व सीए सुधीश शर्मा ने भी पेट्रोल पंप की तरह ही बाजार में बैंक, प्राइवेट अस्पताल, सरकारी कार्यालय इत्यादि के शौचालयों का आमजन को उपयोग के लिए अनुमति होने व सफाई का कार्य सरकारी व निजी दोनों यानी हाइब्रिड मोड पर करने के सुझाव दिए। वहीं इंफ्लूएंसर डॉली अग्रवाल ने भी सुझाव दिए। कार्यक्रम में मंच संचालन जिला परिषद के आईईसी कोऑर्डिनेटर गोपाल जोशी ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव