राजस्थान में नशा तस्करी पर बड़ा प्रहार, 9 माह में 5,951 कार्रवाई, 7,502 तस्कर गिरफ्तार, 692 करोड़ की ड्रग्स जब्त

 


जयपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने नशा तस्करी और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ मिशन मोड में अभियान तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के आह्वान पर चलाए जा रहे देशव्यापी नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रदेश में पिछले नौ माह के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई करते हुए 5,951 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि 7,502 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान करीब 692.02 करोड़ रुपए मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

सरकार के अनुसार अक्टूबर 2025 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन के बाद प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया गया है। आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मजबूत सूचना तंत्र और विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों की मदद से एएनटीएफ उत्पादन से लेकर परिवहन, वितरण और उपभोग तक पूरी ड्रग्स सप्लाई चेन पर एक साथ कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एएनटीएफ ने गठन के बाद अकेले 515 विशेष कार्रवाइयों में 703 तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं जिला पुलिस के साथ मिलकर नौ माह में 30 एमडी (मेफेड्रोन) फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया, जिनमें से 10 फैक्ट्रियां केवल एएनटीएफ ने पकड़ीं। इसके अलावा प्रदेशभर में 17 बड़े अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया।

सरकार के अनुसार वर्ष 2023 की तुलना में मई 2026 तक मादक पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई में 11 गुना वृद्धि हुई है, जबकि अवैध अफीम की खेती नष्ट करने का दायरा बढ़कर 170 एकड़ तक पहुंच गया है।

कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने एक लाख 27 हजार 491 किलोग्राम डोडा-चूरा, 838 किलोग्राम अफीम, 7,563 किलोग्राम गांजा, 82 किलोग्राम हेरोइन, 46 किलोग्राम स्मैक और 1 लाख 80 हजार 843 नशीली गोलियां जब्त की हैं। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अभियान में 296 किलोग्राम एमडी, 16 किलोग्राम एमडीएमए, 410 किलोग्राम 2-ब्रोमो, 45 किलोग्राम कास्टिक सोडा और 406 किलोग्राम तरल रसायन भी बरामद किए गए हैं।

नशे के शिकार युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार ने 'मानस हेल्पलाइन-1933' भी संचालित की है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नशे से पीड़ित लोगों और उनके परिजनों को गोपनीय तरीके से उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, नशा तस्करों की गोपनीय सूचना भी इस हेल्पलाइन पर दी जा सकती है।

इसके अलावा एएनटीएफ ने 'ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा' के तहत प्रदेशभर में 157 जागरूकता शिविर आयोजित कर युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों तथा इससे बचाव के प्रति जागरूक किया है। सरकार का कहना है कि भविष्य में भी नार्को-टेररिज्म और संगठित नशा तस्करी के खिलाफ इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित