भर्ती परीक्षाओं में बड़ा बदलाव: डिलीट सवालों के अंक अब पूरे पेपर में बांटे जाएंगे, नेगेटिव मार्किंग में राहत

 




जयपुर, 26 मार्च (हि.स.)। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लंबे समय से चल रहे डिलीट सवालों के विवाद को लेकर अहम बदलाव किया है। अब किसी भी परीक्षा में यदि कोई प्रश्न डिलीट होता है, तो उसके अंक केवल संबंधित विषय में नहीं, बल्कि पूरे प्रश्नपत्र में समान रूप से वितरित किए जाएंगे।

बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि इस नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों के बीच समानता बढ़ेगी और अंक गणना की जटिलता भी कम होगी। उन्होंने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट भी लिखी।

अब तक यदि किसी विषय का सवाल डिलीट होता था, तो उसके अंक उसी विषय के बाकी प्रश्नों में जोड़ दिए जाते थे। उदाहरण के तौर पर, इतिहास का तीन अंक का सवाल हटने पर वह अंक उसी विषय के अन्य सवालों में बंट जाते थे। इससे सही उत्तर देने वालों को अधिक लाभ मिलता था, जबकि गलत उत्तर देने वालों की नेगेटिव मार्किंग भी बढ़ जाती थी।

इस व्यवस्था का असर खास तौर पर एससी, एसटी, सहरिया, टीएसपी क्षेत्र के अभ्यर्थियों, खिलाड़ियों, पूर्व सैनिकों, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं पर पड़ता था, क्योंकि उनकी कटऑफ कम होने के बावजूद अंक कम हो जाते थे।

उन्होंने बताया कि अब डिलीट प्रश्न के अंक पूरे पेपर में समान रूप से बांटे जाएंगे, जिससे सभी अभ्यर्थियों पर समान प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, यह समस्या भी खत्म होगी कि डिलीट सवाल किस विषय का था। नई व्यवस्था के तहत गलत उत्तर पर 1/3 नेगेटिव मार्किंग केवल मूल अंक के आधार पर ही लागू होगी।

यानी डिलीट सवाल के कारण बढ़े हुए अंकों का असर नेगेटिव मार्किंग पर नहीं पड़ेगा। इससे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त कटौती से राहत मिलेगी।

अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार, देश की अन्य भर्ती एजेंसियां भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही हैं। यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित