मानसिक गुलामी त्यागकर स्वाभिमानी बनें, संस्कृति और विरासत पर गर्व करें : स्वामी गोविन्द देव गिरी

 




भीलवाड़ा, 19 जून (हि.स.)। ए.बी. माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा निर्मित अत्याधुनिक श्री प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास का शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के सान्निध्य में भव्य लोकार्पण किया गया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस छह मंजिला छात्रावास का उद्घाटन समारोह धर्म, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान का संगम बन गया।

200 फीट रिंग रोड स्थित द ग्रीन्स कॉलोनी के समीप आयोजित समारोह में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी महाराज ने कहा कि जिस समाज की स्मृतियां और स्वाभिमान समाप्त हो जाते हैं, वह मानसिक रूप से गुलाम बन जाता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत पर गर्व करना चाहिए तथा डॉक्टर, इंजीनियर या सीए बनने से पहले स्वाभिमानी भारतीय बनने का संकल्प लेना चाहिए।

स्वामी गोविन्द देव गिरी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वावलंबी, कौशलयुक्त और संस्कारित नागरिक तैयार करने का साधन होनी चाहिए। उन्होंने शाकाहार को मानवता का अलंकरण बताते हुए युवाओं से भारतीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने हिंदू समाज की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए जनसंख्या संतुलन पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता भी जताई।

समारोह के मुख्य अतिथि, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एवं भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने कहा कि माहेश्वरी समाज आर्थिक पूंजी से अधिक सामाजिक पूंजी के निर्माण में विश्वास रखता है और यह छात्रावास उसी सोच का साकार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने कौशल से लोकप्रिय हो सकता है, लेकिन सम्मान श्रेष्ठ आचरण से ही प्राप्त होता है। युवाओं को अहंकार त्यागकर विनम्रता, सेवा और नैतिकता के मार्ग पर चलना चाहिए।

हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर हंसाराम महाराज ने सनातन एकता पर बल देते हुए कहा कि जातिवाद और पंथवाद समाज को कमजोर करते हैं। समाज के कमजोर वर्गों को साथ लेकर चलना ही सच्ची सनातन सेवा है।

कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी रामपाल सोनी, अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा, सांसद दामोदर अग्रवाल और विधायक अशोक कोठारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्रावास निर्माण के लिए सोमानी परिवार की सराहना करते हुए इसे प्रतिभाशाली और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए वरदान बताया।

ट्रस्ट की ओर से स्वागत उद्बोधन देते हुए नवनीत सोमानी ने बताया कि छात्रावास में 104 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। इसमें वातानुकूलित कमरे, भोजन कक्ष, कैफेटेरिया, कंप्यूटर लैब, 100 विद्यार्थियों की क्षमता वाला सभागार, सीसीटीवी निगरानी और दो लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावास उच्च शिक्षा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आदर्श वातावरण उपलब्ध कराएगा।

समारोह के दौरान जगदीशप्रसाद सोमानी के जीवन पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया। मंच पर महामंडलेश्वर अनंतदेव महाराज, पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मणदास त्यागी सहित अनेक संतों का सान्निध्य रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार और समाजजन उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का वातावरण देखने को मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद