गहलोत कांग्रेस के प्रदर्शन पर आत्ममंथन करें, जनादेश स्वीकार करें : मदन राठौड़

 


जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की निकाय चुनाव परिणामों को लेकर की गई प्रेसवार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गहलोत को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय कांग्रेस के प्रदर्शन और संगठन की चुनावी तैयारियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि निकाय चुनाव में जनता ने अपना जनादेश दिया है और लोकतंत्र में इसे स्वीकार करना चाहिए।

राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने अपनी प्रेसवार्ता में यह स्वीकार किया कि भाजपा से नाराज मतदाताओं को कांग्रेस अपने पक्ष में नहीं ला सकी और उनमें से कुछ मतदाता निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर चले गए। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और संगठन की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ गहलोत के मतभेदों का भी दावा किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा को मिले जनादेश के पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की भूमिका रही है। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार 10,235 घोषित वार्डों में भाजपा ने 4,179 और कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की।

परिसीमन को लेकर गहलोत के आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि परिसीमन एक निर्धारित संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान जयपुर, जोधपुर और कोटा में निगमों का विभाजन किया गया था, जबकि भाजपा सरकार ने ‘एक शहर-एक निगम’ के आधार पर व्यवस्था बहाल की। राठौड़ ने कहा कि यदि कांग्रेस को परिसीमन की प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी।

राठौड़ ने पुलिस और प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पुलिस प्रशासन कानून के दायरे में काम कर रहा है और किसी को भी कानून से ऊपर रहने की अनुमति नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन, नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए सुशासन और विकास के मुद्दों पर आगे काम करेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारीक