(अपडेट) 17 किलो के नन्हे विराज ने उठाया 47 किलो, छह महीने की मेहनत में बनाए सात रिकॉर्ड

 




उदयपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। महज 5 साल 11 महीने की उम्र में उदयपुर के विराज शर्मा ने 47 किलो वजन उठाकर अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया है। खास बात यह है कि विराज का खुद का वजन करीब साढ़े 17 किलो है। विराज ने 5 सितंबर को उदयपुर के लवकुश स्टेडियम स्थित वेटलिफ्टिंग सेंटर में 47 किलो वजन उठाकर इन्फ्लुएंसर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

विराज के पिता वैभव शर्मा के अनुसार वेटलिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग में विराज अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सात रिकॉर्ड व सम्मान हासिल कर चुका है। उसका नाम नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इन्फ्लुएंसर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। उसे वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया पुरस्कार भी मिल चुका है।

विराज ने 25 अगस्त को नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में रिकॉर्ड बनाया था।

उस दौरान उसने 35 किलो वजन को 14 सेकंड में तीन बार उठाया। इसके करीब पांच से छह दिन बाद उसने 38 किलो वजन उठाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी स्थान बनाया। इसके बाद 42 किलो और अब 47 किलो वजन उठाकर उसने लगातार अपने ही प्रदर्शन में सुधार किया।

विराज के वेटलिफ्टिंग से जुड़ने की कहानी भी दिलचस्प है। पिता वैभव शर्मा करीब छह महीने पहले उसे बेसबॉल खिलाने के लिए ले गए थे। इसी दौरान पास में स्थित वेटलिफ्टिंग सेंटर देखकर विराज ने इस खेल में रुचि दिखाई।

पिता के मुताबिक वह उनके पदकों और वेटलिफ्टिंग के अनुभव से भी प्रभावित था। विराज ने पिता से कहा कि उसे भी वेटलिफ्टिंग करनी है। उम्र कम होने के कारण शुरुआत में पिता ने उसे कुछ समय बाद प्रशिक्षण दिलाने की बात कही, लेकिन विराज का मन इसी खेल में लग गया।

अब स्थिति यह है कि विराज को घड़ी देखना भले ही ठीक से नहीं आता, लेकिन उसे यह पता रहता है कि घड़ी की छोटी सुई पांच पर पहुंचते ही जिम जाने का समय हो गया है। फिलहाल वह लवकुश इंडोर स्टेडियम की व्यायामशाला में जूनियर प्रशिक्षक ओमप्रकाश पटेल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहा है।

विराज के पिता वैभव शर्मा होटल का संचालन करते हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं। वैभव स्वयं भी वेटलिफ्टिंग से जुड़े रहे हैं और राजस्थान स्तर पर 12 बार, राष्ट्रीय स्तर पर एक बार तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो बार चैंपियन रह चुके हैं। ऐसे में विराज को बचपन से ही इस खेल का माहौल मिला।

इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से विराज को वेटलिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग में विश्व के सबसे कम उम्र के बच्चे का खिताब दिए जाने का दावा भी उसके परिवार की ओर से किया गया है।

भारत सरकार की ओर से भी उसे ‘सुपर टैलेंटेड किड-वन इन ए मिलियन’ सम्मान मिलने की जानकारी दी गई है।

सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एचकेजी के विद्यार्थी विराज की प्रतिभा की पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी सराहना कर चुके हैं। पिता वैभव शर्मा के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विराज को जयपुर आमंत्रित किया है। इसके अलावा नई दिल्ली में प्रस्तावित खेलो इंडिया आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने विराज के वेटलिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग प्रदर्शन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताया गया है।

कम उम्र में लगातार रिकॉर्ड बनाने वाले विराज का कहना है कि वह आगे भी वेटलिफ्टिंग के क्षेत्र में ही आगे बढ़ना चाहता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित