फूलों की घाटी में टूरिस्ट्स के सामने आए दो लेपर्ड, 20 मिनट रोकी एंट्री

 


उदयपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। उदयपुर की फूलों की घाटी में सोमवार दोपहर उस समय पर्यटकों में रोमांच के साथ घबराहट फैल गई, जब घूमने आए लोगों के सामने अचानक दो लेपर्ड आ गए। दोनों लेपर्ड कुछ देर तक सड़क के आसपास नजर आए और इसके बाद पहाड़ी क्षेत्र की ओर चले गए। मौके पर मौजूद पर्यटकों ने लेपर्ड के मूवमेंट के वीडियो भी मोबाइल कैमरों में कैद किए।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे फूलों की घाटी चलाने वाली अंबेरी वन सुरक्षा समिति के सदस्य किशनलाल ने लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना वनपाल पंकज खटीक को दी। सूचना मिलते ही वनपाल ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पर्यटकों को जहां हैं, वहीं रोक दिया जाए और लेपर्ड की दिशा में किसी को जाने नहीं दिया जाए।

सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने करीब 20 मिनट तक फूलों की घाटी में नए पर्यटकों की एंट्री रोक दी। इस दौरान वनपाल पंकज खटीक भी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी। कुछ देर बाद दोनों लेपर्ड सड़क से आगे बढ़ते हुए पहाड़ी क्षेत्र में चले गए। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर पर्यटकों की आवाजाही शुरू की गई।

वन विभाग के अनुसार, वन्यजीव गणना के दौरान फूलों की घाटी और इसके आसपास के क्षेत्र में करीब 5 से 6 लेपर्ड की मौजूदगी सामने आई है। फूलों की घाटी के अलावा चीरवा घाटी, अंबेरी, जैव विविधता पार्क और पुरोहितों का तालाब क्षेत्र में भी लेपर्ड का मूवमेंट देखा जाता है।

फूलों की घाटी चीरवा टनल के पास पुराने घाट सेक्शन में विकसित की गई है। उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर नई टनल बनने के बाद पुराने घाट सेक्शन का उपयोग बंद हो गया था। इसके बाद वन विभाग ने यहां फूलों की घाटी विकसित की। इसे 3 अगस्त 2018 को पर्यटकों के लिए खोला गया था। यहां जिप लाइन, स्काई साइकिलिंग, बाली झूला और वॉल क्लाइंबिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां भी संचालित होती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता