महिला पर हमला करने वाला लेपर्ड पिंजरे में कैद
उदयपुर, 09 मई (हि.स.)। उदयपुर जिले के ऊपली बड़ी क्षेत्र में महिला पर जानलेवा हमला करने वाला लेपर्ड आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने पिंजरे में लेपर्ड को बंद देखा तो राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर उसे सज्जनगढ़ अभयारण्य में शिफ्ट कर दिया।
गौरतलब है कि पिछले पांच दिनों से क्षेत्र के ग्रामीणों में लेपर्ड की दहशत बनी हुई थी। लेपर्ड ने गमेती बस्ती निवासी भूरी बाई (52) पत्नी बंशीलाल गमेती पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और लोग वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
जानकारी के अनुसार भूरी बाई रात करीब दो बजे अपने कच्चे मकान से बाहर आंगन की ओर निकली थीं। इसी दौरान अंधेरे में घात लगाए बैठे लेपर्ड ने उन पर झपट्टा मार दिया। लेपर्ड ने महिला के चेहरे और गर्दन पर हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई। महिला के शोर मचाने पर लेपर्ड जंगल की ओर भाग गया। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद बड़ी तथा आसपास के इलाकों में भय का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध भी जताया। इसके बाद विभाग ने इलाके में पिंजरा लगाया और लगातार निगरानी शुरू की।
शनिवार सुबह लेपर्ड के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अब भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जंगल से सटे क्षेत्रों में रात के समय अकेले बाहर न निकलें तथा आवश्यक सावधानी बरतें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता