वांगचुक को बलप्रयोग कर हिरासत में लेकर अस्पताल भेजना लोकतंत्र की हत्या - नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
अलवर, 18 जुलाई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पिछले बीस दिनों से जंतर-मंतर पर बच्चों के भविष्य, नीट की धांधली और लद्दाख के अधिकारों के लिए अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाना केंद्र सरकार की तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या का स्पष्ट प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति देश के लिए 20 दिन से अनशन पर बैठा है, बच्चों की चीखें सुन रहा है, तब सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। लेकिन जैसे ही देश और दुनिया का समर्थन अनशन कर रहे वांगचुक के साथ आया और भूख हड़ताल के कारण उनकी जान का खतरा बढ़ा, कुर्सी हिलने के डर से घबराई सरकार फिर एक बार दमनकारी नीति पर उतर आई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एनटीए के माध्यम से हुई नीट परीक्षा में लगातार तीन बार पेपर लीक हुआ। 65 लाख से ज्यादा बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया। जिम्मेदार मंत्री को क्यों बचाया जा रहा है उनका इस्तीफा कब होगा।
जूली ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता की बात सुनती है, उसे कुचलती नहीं है। इस सरकार ने तय कर लिया है कि जो भी आंदोलन होगा उसे कुचल दिया जाएगा। लेकिन यह सरकार भूल रही है कि यह हिंदुस्तान है। जिस देश ने अंग्रेजों जैसी बड़ी सत्ता को उखाड़ फेंका, उसे आप डरा नहीं सकते। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को यह देश कभी माफ नहीं करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार